
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध चकराघाट कॉरिडोर पर रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक सराफा व्यापारी ने लेन-देन के विवाद और मारपीट से आहत होकर तालाब में छलांग लगा दी।
मौके पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों और स्थानीय नाव चालकों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए व्यापारी को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 1:00 बजे शीतला माता मंदिर के पास रहने वाले सराफा व्यापारी जगदीप सिंह अपनी स्कूटर से चकराघाट कॉरिडोर पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी किनारे खड़ी की और बिना किसी से कुछ बोले, सीधे रेलिंग के ऊपर चढ़कर तालाब में कूद गए।
यह नजारा देख वहां मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग घबरा गए। कॉरिडोर पर तैनात कोतवाली पुलिस के जवानों ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय नाव चालकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और जगदीप सिंह को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित व्यापारी जगदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि वे सोने-चांदी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- गत 15 मई की शाम करीब सवा पांच बजे वह सराफा बाजार स्थित गुरमिंदर सिंह, चरनजीत सिंह और मनप्रीत सिंह की दुकान पर सामान लेने गया था।
- वहां पुराने हिसाब-किताब के लेन-देन को लेकर उनके बीच बहस हो गई, जिसके बाद तीनों आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारपीट की। इस घटना में उसके सिर, कमर और हाथ में चोटें आईं।
- जगदीप सिंह के अनुसार, घटना के बाद त्वरित एफआईआर दर्ज न होने के कारण वे मानसिक रूप से बेहद तनाव में थे और इसी सामाजिक बदनामी व आहत भाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटनाक्रम के करीब दो घंटे बाद दूसरा पक्ष (मनप्रीत सिंह और अन्य) भी कोतवाली थाने पहुंचा और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सराफा व्यापारी मनप्रीत सिंह ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि:
- जगदीप सिंह से उसका पिछले दो-तीन वर्षों से भुगतान संबंधी विवाद चल रहा है, जिसके कारण उन्होंने व्यापारिक व्यवहार पूरी तरह बंद कर दिया था।
- व्यवहार बंद होने से नाराज होकर जगदीप सिंह उनकी दुकान पर आए और अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। जब उन्हें रोका गया, तो उन्होंने मनप्रीत के बुजुर्ग पिता को धक्का दे दिया, जिससे उनके पैर में चोट आई है।
- मनप्रीत का आरोप है कि जब जगदीप से इस अभद्रता के लिए माफी मांगने को कहा गया, तो वे पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। दूसरे पक्ष ने अपनी बात के समर्थन में घटना के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं।
कोतवाली पुलिस ने दोनों ही पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है। बाजार क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों और दूसरे पक्ष द्वारा सौंपे गए वीडियो की पड़ताल की जा रही है।
तालाब से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद सराफा व्यापारी जगदीप सिंह को अस्पताल उपचार के लिए भेजा गया था, जहां उनकी स्थिति अब ठीक है। मामले में दोनों पक्षों की शिकायतें पुलिस को प्राप्त हुई हैं। घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।- मनीष सिंघल, थाना प्रभारी, कोतवाली (सागर)।