
नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। केंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइन एरिया में बीएसएनएल आफिस के पीछे लगे टावर पर गुरुवार दोपहर ढाई साल की बेटी को लेकर पति पत्नी टावर पर चढ़ गए। मोतीनगर पुलिस पर झूठे मामले में फंसाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए टावर पर चढ़े दंपती को देर शाम तक पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी समझाइश देकर उतरने के लिए कहते रहे, लेकिन वह मोतीनगर टीआई पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
आखिरकार शाम को प्रशासन ने टावर पर चढ़े दंपति को उतारने के लिए सेना को बुलाया, जहां उनके रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई। एसपी अनुराग सुजानिया की समझाइश और आश्वासन के बाद आखिरकार बलराम पत्नी व बच्ची सहित आठ सौ फीट ऊंचे टावर से नीचे उतर गया, तब कहीं जाकर सब ने राहत की सांस ली।
मोतीनगर थाना क्षेत्र के छोटा करीला निवासी 21 वर्षीय बलराम पिता जलेश अहिरवार गुरुवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे अपनी पत्नी कृष्णा अहिरवार और ढाई साल की बेटी को लेकर पशु चिकित्सालय के पीछे लगे बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गया। इसकी सूचना पुलिस को मिली। मौके पर सिविल लाइन एफआरबी पहुंची, जिसे देख वह और ऊपर चढ़ गया। कुछ ही देर में वहां केंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे सहित तहसीलदार व अन्य आला अधिकारी पहुंच गए।
काफी ऊंचाई में होने के कारण ऊपर चढ़े बलराम से पुलिस ने संवाद स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन आवाज उस तक नहीं पहुंच पा रही थी। पुलिस ने बलराम का मोबाइल नंबर तलाश कर उसे फोन लगाया, जिसमें उसने फोन पर बताया कि मोतीनगर पुलिस द्वारा लगातार उसके खिलाफ झूठे मामले बनाए जा रहे है। कुछ दिन पूर्व ही पुलिस ने एक बार फिर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। बलराम को पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतरने को कहा, लेकिन वह अपने ऊपर लगे सारे मामलों की जांच और मोतीनगर टीआई पर कार्रवाई की बात पर अड़ा रहा। मौके पर एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
दोपहर की कड़ी धूप में दंपती को ढाई साल की बच्ची के स्वास्थ्य का हवाला देकर नीचे उतरने की गुहार लगाने के बाद भी वह दोनों नीचे उतरने को रानी नहीं थे और बार-बार टावर से कूदने की धमकी देते रहे। पुलिस भी सतर्कता से उससे संवाद करती रही। शाम को मौके पर एसपी अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा पहुंचे। एहतियातन सेना की रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया। सैनिकों ने सारे संसाधनों को तैयार कर वहां तैनाती कर ली।
पुलिस ने बताया कि आरोपित बलराम, उसके भाई सूर्या अहिरवार पर वर्ष 2018 से अब तक मारपीट, संपत्ती पर कब्जा करने सहित विभिन्न धाराओं के कुल 13 अपराध कायम हैं। जबकि बलराम पर और उसकी पत्नी पर भी इन अपराधों में संलिप्तता रही है। इसके बाद उनके खिलाफ भी मामले कायम हैं। पिछले दिनों ही बलराम पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। जबकि पत्नी को नोटिस जारी किया गया था। पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाकर इसके पहले बलराम अपनी पत्नी व बेटी को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आत्मदाह की कोशिश भी की थी। बलराम के भाई पर जिला बदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
मौके पर मौजूद युवक के भाई ने बताया कि टावर पर चढ़ने से पहले बलराम उनसे मिला था। उसने कहा था कि पुलिस ने उसे काफी देर तक पीटा और जेल भेज दिया। इसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि परिवार पुलिस द्वारा दर्ज मामले से परेशान था। उनका आरोप है कि मोतीनगर पुलिस ने उन पर झूठा मामला दर्ज किया है।
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वहां मौजूद अधिकारियों ने नीचे खड़े उसके भाई को भी समझाइश देकर बलराम को नीचे उतरने के लिए कहने को बोला, लेकिन बलराम अपनी जिद पर अड़ा रहा। उसका भाई भी मौके पर मोतीनगर टीआई जसवंत सिंह राजपूत को बुलाने की बात कह रहा था। शाम को मौके पर भीम आर्मी के पदाधिकारी भी पहुंच गए, जिन्होंने बलराम को समझाइश दी, लेकिन वह नहीं माना। एसपी अनुराग सुजानिया ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तो वह नीचे उतर गया।