
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। सिविल लाइन थाना पुलिस ने ब्रांडेड इंजन ऑयल के नाम पर कथित रूप से नकली उत्पाद बेचने वाले कारोबार का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
पुलिस ने एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी कर 1 लाख 8 हजार 300 रुपये मूल्य का संदिग्ध इंजन ऑयल और खाली ड्रम जब्त किए हैं। मामले में कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, कंपनी के अधिकृत असिस्टेंट मैनेजर अजय कुमार पुंडीर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि क्षेत्र स्थित ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज नामक प्रतिष्ठान पर कंपनी के उत्पादों की हूबहू नकल कर नकली इंजन ऑयल का भंडारण और विक्रय किया जा रहा है।
इससे कंपनी की साख प्रभावित होने के साथ उपभोक्ताओं को भी धोखे का सामना करना पड़ रहा था।
शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कंपनी के विशेषज्ञों के साथ प्रतिष्ठान पर दबिश दी। जांच के दौरान संचालक निशांत तिवारी मौके पर मौजूद मिला।
कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा उत्पादों की जांच में पैकेजिंग पर कई अनियमितताएं सामने आईं। ऑयल के डिब्बों पर अंकित वेबसाइट और कस्टमर केयर नंबर फर्जी पाए गए, जबकि कई स्थानों पर अंग्रेजी शब्दों की वर्तनी भी गलत मिली। बाहरी रूप से उत्पाद असली जैसे दिखाई दे रहे थे, जिससे ग्राहक आसानी से भ्रमित हो सकते थे।
पुलिस ने मौके से छह भरे हुए और तीन खाली ड्रम जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 1.08 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। आरोपित के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 तथा ट्रेडमार्क अधिनियम की धारा 103 एवं 104 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अपराध जमानती होने के कारण आरोपित को वैधानिक नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और नकली उत्पादों के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।