
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। शहर के तिली तिगड्डा के पास आटो चालक के मकान से मिली करीब 3.2 करोड़ रुपये की नकदी के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने इंजीनियर रमेश अहिरवार, उसकी पत्नी सहोद्राबाई व आटो चालक भाइयों अंकित और सौरभ अहिरवार पर एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर सागर लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त ने पुलिस द्वारा जब्त की गई नकदी को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। जिस अलमारी में नोटों से भरे बैग मिले थे, उसे भी जब्त किया गया है। मामले की जांच के लिए सागर लोकायुक्त ने डीएसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित की है। टीम नकदी के स्रोत के साथ ही मामले से जुड़े लोगों की आय और संपत्ति की जांच कर रही है।
सागर लोकायुक्त एसपी डीके राठौर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर जांच के बाद रमेश अहिरवार, सहोद्रा, और अंकित, सौरभ के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। नकदी और अलमारी को लोकायुक्त ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।
जांच में सामने आया है कि 13 अक्टूबर को रमेश अपनी पत्नी सहोद्रा बाई के साथ सागर आया था। वह सौरभ और उसके भाई अंकित को लेकर कटरा गए थे। जहां एक दुकान से उन्होंने गोदरेज की आलमारी खरीदी थी। अलमारी का बिल भी रमेश की पत्नी सहोद्रा के नाम से बना है। इसी जांच के आधार पर लोकायुक्त ने दंपति सहित दोनों भाइयों को आरोपित बनाया है।
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