
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। नगर निगम की उदासीनता के चलते एक बार फिर पागल कुत्ते ने शहरवासियों को अपना शिकार बनाया है। गांधी चौक वार्ड में शुक्रवार को एक कुत्ते ने पूर्व पार्षद व दो छोटे बच्चों सहित करीब एक दर्जन लोगों को काटकर घायल कर दिया, तो वहीं पिछले दो दिनों में यह आंकड़ा करीब दो दर्जन बताया जा रहा है। पिछले पांच माह में शहर में ऐसी तीन बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जब कुत्तों द्वारा एक साथ आठ से दस लोगों को अपना निशाना बनाया जा चुका है।
वार्डवासियों के अनुसार सफेद एवं काले रंग की एक मादा कुतिया पागल हो गई है, जो रास्ता चलते-चलते लोगों को काट रही है। शुक्रवार को उसने वार्ड में रहने वाले दो बच्चों सहित कुछ बड़े लोगों को भी काटा है। इस दौरान पागल कुत्ते ने महेश खटीक, प्रियांश खटीक (उम्र 5 साल), गणेश सोनी (उम्र 10 वर्ष), मोहन लाल (उम्र 35 वर्ष) को पैर में दो जगह काटा है। उन्होंने एक बार उसको पीछे फेंका तो उसने दोबारा हमला करते हुए पैर में काट लिया।
वार्डवासियों के अनुसार पार्षद डाली सोनी की जेठानी पूर्व पार्षद को भी कुत्ते ने अपना निशाना बनाया है। इसके अलावा अपनी दीदी के घर जा रहे रितिक सोनी (उम्र 21 वर्ष) को भी इस कुत्ते ने काटकर चोट पहुंचाई है। कुत्ते का आतंक पिछले दो दिनों से है और यहां करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों को उसने अपना शिकार बनाया है। इस पागल कुत्ते के आतंक के कारण कई वार्डवासी अपने घरों में कैद रहे और अपने बच्चों को भी बाहर खेलने के लिए नहीं जाने दिया।
जिले में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है और जिला अस्पताल एवं बीएमसी में प्रतिदिन कई मरीज कुत्ते के काटने से इलाज कराने व इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी से मिली जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीज कुत्ते का शिकार होने के बाद इलाज कराने आते हैं, तो वहीं बीएमसी में भी इतने ही मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा जिले के अन्य शासकीय चिकित्सालय एवं निजी अस्पतालों के अनुसार यह आंकड़ा प्रतिदिन दो सौ के पार पहुंचता है।
शहर में लगातार बढ़ती जा रही कुत्तों की संख्या और उनके आतंक के बाद भी नगर निगम प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। निगम के अधिकारी कुत्तों को पकड़ने के लिए टीकाकरण व अन्य अभियान चलाने की बात कहते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हो रही है। करीब दो साल पहले निगम परिषद में शहर के पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने की बात भी कही थी, लेकिन शहर में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
विट्ठलनगर वार्ड में करीब छह माह पूर्व भी एक पागल कुत्ते ने करीब आठ लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। इन पीड़ितों में एक 50 वर्षीय मूंगफली विक्रेता सबसे ज्यादा घायल हुआ था, जिसका गाल से मांस ही लटक गया था। पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे टांके लगाए गए थे। इसके अलावा मधुकर शाह वार्ड में भी एक बच्ची सहित अन्य लोगों को कुत्ते ने घायल किया था। कैंट क्षेत्र में भी एक बच्चे के सिर को कुत्ते ने इस तरह चोटिल किया था कि उसका ऑपरेशन कराना पड़ा था और कुत्ता मालिक के खिलाफ कैंट थाने में मामला दर्ज कराया गया था।