
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। रानगिर के बूढ़ी रानगिर मंदिर के बाहर ब्लूटूथ में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने पाटई गांव निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि अपने ससुराल वालों को फंसाने के लिए उसने मंदिर के बाहर विस्फोट का यह षड़यंत्र रहा और मंदिर के पुजारी को मैसेज करके बस रखे होने की सूचना दी। एसएमएस में अपने साले व ससुराल वालों के नाम भी भेजे थे। बहरहाल पुलिस मामले का राजफास करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार 18 मार्च की देर शाम बूढ़ी रानगिर माई के मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकान पर छोड़े गए ब्लूटूथ स्पीकर में विस्फोट हो गया था। जिसमें एक बाहर साल की बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। वहां मौजूद उसके नाना-नानी भी विस्फोट में घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पुलिस, एफएसएल, डाग स्क्वॉड, बम स्क्वॉड की टीम ने मौके पर पहुंच कर घटना स्थल का मुआयना किया। वहां से साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने अज्ञात आरोपित पर 3/4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, 109,(1) बीएनएस की धाराओं में कायमी कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान एक संदिग्ध एसएमएस की जानकारी प्राप्त हुई, जो इस विस्फोट से जुड़ा हुआ था। तत्काल साइबर टीम को सक्रिय कर तकनीकी विश्लेषण कराया गया। प्राप्त क्लू के आधार पर संदेही गोलू उर्फ इमारत पटेल निवासी पाटई गांव को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि उसकी शादी जून 2025 में नूरजहां निवासी चिंगी टोला, सिंगरौली से हुई थी। फरवरी 2026 में पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी मायके चली गई थी और अपने भाइयों के दबाव में वापस नहीं आ रही थी। इसी कारण आरोपित ने सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए अपनी पत्नी के भाइयों एवं उनके स्वजन को झूठे प्रकरण में फंसाने की योजना बनाई।
आरोपित द्वारा रानगिर मंदिर के पुजारी को भ्रामक एसएमएस भेजकर संदेह उत्पन्न किया गया तथा एक ब्लूटूथ स्पीकर में सुतली बम एवं डेटोनेटर लगाकर, उसकी बैटरी से सर्किट पूर्ण करते हुए उसे दुकान में रख दिया गया, जिससे विस्फोट हुआ और वृद्ध दंपति सहित उसकी पोती घायल हो गए। आरोपित को विश्वास था कि एसएमएस के आधार पर पुलिस उसकी पत्नी के भाइयों एवं स्वजन को गिरफ्तार कर लेगी, जिससे वह अपनी पत्नी को वापस लाने में सफल हो जाएगा।
घटना में प्रयुक्त मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस के टुकड़े एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस द्वारा जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में सुरखी थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु, उपनिरीक्षक सत्यव्रत धाकड़, उपनिरीक्षक शिवम दुबे, प्रधान आरक्षक सौरभ रेकवार, आरक्षक हेमेन्द्र, आरक्षक विकास मिश्रा, आरक्षक उमाशंकर, आरक्षक पवन पटेल, आरक्षक आशीष यादव, आरक्षक कमलेश गुर्जर, आरक्षक रवि मिश्रा, आरक्षक प्रेम कुमरे का योगदान रहा।