
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर: मंगलवार को सीहोर में ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से शुरू होने वाली इस यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार से ही सीहोर पहुंचने लगे थे। मंगलवार सुबह 5 बजे से ही सीवन नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई।
बड़ी संख्या में कांवड़िए सीवन नदी से जल भरकर कुबेरेश्वरधाम के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि हजारों श्रद्धालु कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आने का इंतजार कर रहे हैं। शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का संगम नजर आ रहा है। भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़िए, गूंजते महादेव के जयकारे और जगह-जगह सेवा में जुटे श्रद्धालुओं ने सावन के इस धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप दे दिया है।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक पहले करीब 25 स्थानों पर चाय, नाश्ता और पेयजल की सेवा की जाती थी, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए 100 से अधिक स्थानों पर भोजन-प्रसादी और सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। यहां चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी, भोजन और पेयजल की व्यवस्था रहेगी। समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी सेवा कार्य में जुटे हैं।
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में 10 से अधिक वाच टावर लगाए गए हैं। अधिकारियों के साथ 1200 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष नजर रखी जा रही है।
आयोजन को व्यवस्थित बनाने में प्रशासन के साथ विठलेश सेवा समिति और अखंड हिंद फौज के सेवाभावी कार्यकर्ता भी सक्रिय हैं। कार्यकर्ता सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालुओं की सहायता और सेवा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार, मंगलवार को कुबेरेश्वरधाम में भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सीवन नदी तट से सुबह 9 बजे शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर में कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी। इसके बाद सीवन नदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का महाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
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