सीहोर में भाई को बचाने गहरे पानी में उतरे बच्चे, तीन की डूबने से मौत; खंती में भरा था बारिश का पानी
सीहोर के वार्ड नंबर 12 में बारिश से भरी निर्माणाधीन खंती में नहाने उतरे तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। साथी को बचाने में हादसा हुआ।
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 04:08:21 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 04:08:21 PM (IST)
सीहोर में तीन बच्चों की डूबने से मौत। (नईदुनिया)HighLights
- चार बच्चे बारिश के पानी से भरी खंती में उतरे।
- एक बच्चे को बचाने में अन्य बच्चे गहरे पानी पहुंचे।
- हादसे में तीन बच्चों की डूबने से मौत हुई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर। नगर के वार्ड नंबर 12 में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूमों की पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसा मोगरा रोड स्थित नर्मदा लिंक परियोजना के लिए एलएनटी कंपनी द्वारा खोदी गई खंती में हुआ, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।
नहाने के दौरान गहरे पानी में गए बच्चे
- प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 12 निवासी सुबाल सिंह के दो बेटे पृथ्वीराज (12) और प्रशांत (16) अपने बुआ के बेटों दीक्षांत और अखिलेश सिंह (14) के साथ दोपहर करीब 1 बजे मोगरा रोड की ओर गए थे।
- बताया गया कि चारों बच्चे खंती में भरे पानी में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान एक बच्चा गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में उसके साथ मौजूद अन्य बच्चे भी पानी में उतर गए।
साथी को बचाने के प्रयास में गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चों ने एक साथी को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान दो बच्चे भी पानी में डूब गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे में कुल तीन बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
नर्मदा लिंक परियोजना के लिए खोदी गई खंती को खुला छोड़ने से हुआ हादसा
- घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बच्चों के शव अस्पताल लाए गए, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक बच्चों से लिपटकर पिता के विलाप का दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नर्मदा लिंक परियोजना के लिए खोदी गई खंती को खुला छोड़ दिया गया था। बारिश के कारण इसमें गहरा पानी भर गया था।
लोगों का कहना है कि यदि खंती के आसपास सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी के इंतजाम होते तो इस तरह के हादसे को टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों से ऐसी खंतियों को सुरक्षित कराने की मांग की है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।