
नईदुनिया न्यूज, इछावर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रविवार को अपने गृह जिले सीहोर के इछावर क्षेत्र में अलग अंदाज देखने को मिला। आमतौर पर अपने सहज और मिलनसार व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले शिवराज सिंह चौहान इस बार प्रशासनिक लापरवाही को लेकर काफी सख्त नजर आए।
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इछावर के आजाद चौक पर आयोजित जनकल्याण शिविर में उन्होंने मंच से अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों को जनता के काम रोकने में ही आनंद आता है, लेकिन अब इस तरह की कार्यप्रणाली बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इछावर पहुंचने के दौरान ब्लाक कांग्रेस कमेटी और स्थानीय किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने उनका रास्ता रोक लिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान अपनी मांगों को लेकर वहां पहुंचे थे। जब केंद्रीय मंत्री का काफिला आजाद मैदान की ओर जा रहा था, तभी ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बलवान पटेल और विदिशा लोकसभा प्रभारी बृजेश पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने काफिला रोककर ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने शांत भाव से कहा कि नारेबाजी मत कीजिए, मेरे लिए सभी लोग बराबर हैं और मैं किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। कांग्रेस नेताओं ने भी जवाब देते हुए कहा कि भले ही वे विपक्षी दल कांग्रेस से हैं, लेकिन आप क्षेत्र के सांसद और देश के मंत्री हैं, इसलिए आप हमारे भी प्रतिनिधि हैं।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं जनता का सेवक हूं। अगर मैं जनता का प्रतिनिधि हूं तो हर नागरिक का प्रतिनिधि हूं, आपका भी उतना ही हूं। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान वाहन से नीचे उतरे और विपक्षी नेताओं तथा स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
कांग्रेस नेताओं और किसानों ने केंद्रीय मंत्री को क्षेत्र की कृषि समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा खाद की कमी और ऑनलाइन प्रक्रिया में आ रही परेशानी का था।
किसानों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वे खाद और कृषि कार्यों के लिए परेशान हो रहे हैं। सोसायटियों और दुकानों के बाहर किसानों को 10 से 12 दिनों तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।
इसके अलावा ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के लिए सरकारी पोर्टल का सर्वर लगातार डाउन रहने से किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। घंटों इंतजार के बावजूद काम नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों का समय और पैसा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
जनकल्याण शिविर में किसानों के अलावा छात्रों और शहर के लोगों ने भी अपनी समस्याएं केंद्रीय मंत्री के सामने रखीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इछावर में सरकारी कॉलेज खुले हुए कई दशक हो चुके हैं, लेकिन अब तक यहां विज्ञान संकाय शुरू नहीं किया गया है।
छात्र-छात्राओं ने बताया कि विज्ञान की पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता है। इसके अलावा सीहोर-कोसमी स्टेट हाईवे की खराब यातायात व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर परिषद ने थाना मोड़ से कृषि मंडी तक सड़क के बीच डिवाइडर और लाइटिंग के लिए जगह छोड़ी थी, लेकिन कुछ समय पहले उस स्थान को व्यवस्थित करने की बजाय केवल गिट्टी और डामर डालकर समतल कर दिया गया। लोगों ने यहां सुंदर डिवाइडर और लाइटिंग लगाने की मांग रखी।
आजाद चौक स्थित जनकल्याण शिविर के मंच से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि पात्र लोगों के नाम भी किसी न किसी कारण से सरकारी योजनाओं से काटे जा रहे हैं। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचना चाहिए। जनता के काम में बाधा डालने वाली मानसिकता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को सकारात्मक सोच के साथ काम करना होगा। सरकार की मंशा पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब हर आवेदन की बारीकी से जांच की जाएगी और किसी भी गरीब का हक किसी भी हालत में नहीं मारा जाएगा।