
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। चैन्नई से सीएनजी कारों को लेकर लखनऊ जा रहे कंटेनर वाहन में रविवार सुबह लगभग 8.30 बजे जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे-44 में जिले के छपारा थाना अंतर्गत बंजारी माता मंदिर और गनेशगंज के बीच चलते वाहन में शार्ट सर्किट से आग लग गई।
घटना की सूचना मिलने पर मौकै पर पहुंचने रवाना हुए छपारा थाना प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों से भरे पुलिस के सरकारी वाहन को जाम में फंसे एक कंटेनर वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे पुलिस वाहन घटनास्थल पर पलट गया। गनीमत की बात रही कि इस घटना में पुलिस वाहन में सवार टीआई, एएसआई व दो आरक्षकों को गंभीर चोटें नहीं आई।
लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी के साथ लखनादौन, बंडोल, आदेगांव इत्यादि थाना क्षेत्राें का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। जाम में फंसे ट्रक चालकों ने मौके पर पुलिस के ना पहुंचने और कंटेनर की आग बुझाने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। समझाइश और कंटेनर में लगी आग बुझने के बाद दोपहर 12 बजे फोरलेन में वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।
चलते कंटेनर वाहन के केबिन में अचानक शार्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद उसमें से धुआं उठने लगा। स्थिति की गंभीरता और खतरे को भांपते हुए सूझबूझ से काम लेते हुए कंटेनर चालक ने तुरंत वाहन को सड़क के किनारे रोका और अपनी जान बचाने वह तुरंत नीचे कूद गया।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे कंटेनर को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और हाईवे पर अफरा-तफरी का वातावरण निर्मित हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास से गुजर रहे राहगीर और वाहन चालक बुरी तरह सहम गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धू-धू कर जलते हुए मालवाहक वाहन से एकाएक दो जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे लोग पीछे की तरफ भागने लगे। जलते वाहन से सुरक्षित फासला बनाते हुए लोगों ने अपने वाहन रोक दिए, जिससे हाईवे पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई और देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
घटना की सूचना मिलते ही लखनादौन और सिवनी से दमकल विभाग (अग्निशमन दल) की टीम तुरंत दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हुई। दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और उन्होंने लगातार पानी की बौछारें डालकर आग की विकराल लपटों को शांत करने का सघन अभियान शुरू किया।
आग इतनी भयानक थी कि दमकल वाहनों का पानी खत्म हो गया और वे आग बुझाने में पूरी तरह विफल रहे। जब दमकल वाहन दोबारा पानी भरने (रिफिलिंग) के लिए वापस गए, तब तक आग तेजी से फैलती रही।
हाईवे पर छपारा बाईपास से लेकर लखनादौन की तरफ और बंजारी घाटी तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग चुका था। इस भीषण ट्रैफिक जाम के कारण पानी भरकर लौट रही दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक समय पर नहीं पहुंच सकीं। परिणाम स्वरूप, कंटेनर और उसमें लदी सभी कारें पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं।
स्थिति तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब वहां मौजूद भीड़ और जाम में फंसे ट्रक चालकों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के मौके पर देरी से पहुंचने और आग बुझाने में हुई लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया। हंगामे के बीच घटना का वीडियो बना रहे स्थानीय मीडियाकर्मी का कुछ लोगों ने उसका मोबाइल तक छीन लिया। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मोबाइल वापस कर दिया गया।
एक तरफ जहां हाईवे पर जलता हुआ कंटेनर और आक्रोशित भीड़ चुनौती बनी हुई थी, वहीं दूसरी तरफ इस जाम को खुलवाने और रेस्क्यू कार्य में सहायता आ रही पुलिस टीम के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। जाम में फंसी गाड़ियों को निकालने के दौरान छपारा थाने का सरकारी पुलिस वाहन घटनास्थल से लगभग दो से तीन किलोमीटर पहले ही दुर्घटना का शिकार हो गया।
दरअसल, ट्रैफिक जाम के कारण जब पुलिस वाहन रांग साइड (दूसरी लेन) से टर्न ले रहा था, तभी सामने से आ रहे एक ट्रक के चालक ने जल्दबाजी दिखाते हुए पुलिस की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर से पुलिस का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
हादसे में पुलिस वाहन में सवार छपारा नगर निरीक्षक (टीआई) खैमेंद्र कुमार जैतवार, एएसआई प्रेमनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक गजानन वर्मा और आरक्षक आशीष सिंह चौहान चोटिल हो गए। गनीमत रही कि किसी को गंभीर या जानलेवा चोट नहीं आई। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत स्थिर बताई।
यातायात बहाल करने दो अन्य पुलिसकर्मी, एसआइ डीएस प्रजापति व प्रधान आरक्षक दशरू बघेल, घटनास्थल से पहले ही वाहन से उतर गए थे, जिससे वे इस हादसे का शिकार होने से बच गए।फोरलेन में लगे लंबे जाम की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, तो स्थिति को नियंत्रण में लेने भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया।
लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी के नेतृत्व में सिवनी, लखनादौन, बंडोल व आदेगांव सहित कई थानों का अतिरिक्त पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस बल की भारी तैनाती के बाद हंगामा कर रहे लोगों को समझाइश देकर शांत कराया गया, तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई। इस पूरी घटना के कारण सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक यानी करीब चार घंटे तक नेशनल हाईवे-44 पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा।
फोरलेन के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे बसों में सवार यात्रियों और दूर-दराज जाने वाले मालवाहक चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर 12 बजे पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जाम खुलवाया व क्षतिग्रस्त कंटेनर को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद दोपहर लगभग दो बजे हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका।
प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण इंजन में शार्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता लगाने तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। साथ ही पुलिस ने सरकारी वाहन को टक्कर मारने वाले कंटेनर चालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हंगामा करने वाले अज्ञात चालकों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, जिसके कारण फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
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