
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जंगल में भारमार बूंदक और बारूदी सामग्री से वन्यजीवों के शिकार का प्रयत्न को बरघाट वन परिक्षेत्र के अमले ने नाकाम कर दिया। चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से बरघाट वन परिक्षेत्र के अधिकारियों ने एक भारमार बंदूक के अलावा, छर्रे और बारूदी सामग्री जब्त की है।
गिरफ्तार सभी आरोपित धोबीसर्रा गांव के निवासी हैं, जो कोपीझाेला जंगल के बोदल कसा नाले के पास घात लगाकर वन्यजीवों का इंतजार कर रहे थे। भीषण गर्मी में नाले का पानी पूरी तरह सूख चुका है।
नाले की रेत में एक गड्ढा खोदकर पानी का एक कृत्रिम स्रोत (वाटर होल) तैयार कर लिया था। दक्षिण सामान्य वनमंडल के बरघाट रेंजर पीयूष गौतम ने बताया कि 21 जून की रात जंगल की सुरक्षा में लगे गश्ती दल को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली।
मौके पर वन अमला के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपित घने जंगल की पहाड़ी में छिप गए। इसके बाद जंगल से बाहर निकलने के सभी रास्तों पर घेराबंदी कर वन अमला आरोपितों की धरपकड़ में जुट गया। टीम ने पीछा करते हुए एक आरोपित महेश उइके (निवासी धोबीसर्रा) को गिरफ्तार किया।
इनकी निशानदेही पर गांव के अन्य तीन आरोपियों को अगले दिन 22 जून को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारमार बंदूक, बारूदी सामग्री, छर्रे इत्यादि जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों पर पूर्व से वन अपराध दर्ज होने की जानकारी नहीं मिली है।
पूछताछ में आरोपियों ने वन अधिकारियों को बताया कि पानी की तलाश में नाले में पहुंचने वाले जंगली सुअर, चीतल, सांभर या जंगली मुर्गी जैसे वन्यजीव का भरमार बंदूक से शिकार करने चारों कोपीझोला जंगल गए थे।
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