
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध विशेष स्थापना संगठन लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई जारी है। जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने एक बार फिर सिवनी में एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। 16 जून मंगलवार को लोकायुक्त दल ने अपर कलेक्टर कार्यालय लखनादौन (सिवनी) में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 व रीडर माधव प्रसाद तिवारी (60) को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सिवनी अपर कलेक्टर कार्यालय (उपभोक्ता फोरम भवन के पोर्च) में की गई।
लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि छपारा तहसील के गंगाढाना निवासी आवेदक संतोष सिंह सिसोदिया की पैतृक भूमि के खसरा रिकॉर्ड में जामुन व अन्य पेड़ दर्ज थे। अज्ञात व्यक्ति ने कुछ पेड़ काट दिए थे, इसकी सूचना आवेदक ने संबंधित थाने में दर्ज कराई थी। आवेदक के विरोधी पक्ष ने इसकी शिकायत लखनादौन एसडीएम कार्यालय में कर दी, जहां से आवेदक के विरुद्ध निर्णय दिया गया था।
इस फैसले के खिलाफ संतोष सिंह ने अपर कलेक्टर (एडीएम) कार्यालय लखनादौन में अपील की थी। अपील में आवेदक के पक्ष में निर्णय करने के बदले रीडर माधव प्रसाद तिवारी ने 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जो बातचीत के बाद 20 हजार रुपये में तय हुई। इसकी शिकायत आवेदक ने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई थी।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद 16 जून को लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आवेदक ने एडीएम कार्यालय में रीडर माधव प्रसाद तिवारी को 20 हजार रुपये रिश्वत के रूप में सौंपे, टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 13(1)बी और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में ट्रैप दल अधिकारी (TLO) निरीक्षक उमा कुशवाह, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया व जबलपुर लोकायुक्त दल शामिल रहा।
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