
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। सिवनी जिले के बंडोल में किसानों को बिना ई-टोकन और अधिक कीमत पर उर्वरक (डीएपी) बेचने की शिकायतें मिलने पर जिला स्तरीय गुण नियंत्रण दल के अधिकारी किसान बनकर दो कृषि केंद्रों में पहुंचे, तो उनसे भी दोगुने दाम वसूले गए। कृषि विभाग ने सोमवार को दोनों कृषि केंद्र-गोदाम सील कर उनके संचालकों पर एफआइआर दर्ज कराई गई।
सहायक संचालक कृषि प्रफुल्ल घोड़ेसवार, सहायक संचालक कृषि पवन कौरव व जिला परामर्शदाता मुकेश मीणा बंडोल के साहू कृषि केंद्र और साहू ट्रेडर्स कृषि केंद्र पहुंचे। पवन कौरव ने साहू कृषि केंद्र के संचालक अमित साहू से डीएपी मांगा। संचालक ने एक बैग की कीमत 2400 रुपये बताई, तो अधिकारी ने दो बैग के लिए 4800 रुपये ऑनलाइन भुगतान कर दिया।
इसके बाद टीम ने साहू ट्रेडर्स के संचालक रोहित कुमार से दो बोरी डीएपी 5000 रुपये (प्रति बैग 2500 रुपये) में खरीदा। इस बीच निरीक्षण दल ने दोनों संचालकों के गोदामों पर छापा मारा। साहू कृषि केंद्र के गोदाम से 45 बैग डीएपी व 114 बैग अन्य उर्वरक मिला है।
जबकि साहू कृषि केंद्र के गोदाम में 125 बैग डीएपी व 204 बैग अन्य उर्वरक भंडारित पाया गया। यह उर्वरक आनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं थी, संचालक जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। बता दें कि डीएपी की कीमत प्रति बोरी 1350 रुपये निर्धारित है, जिसे दोगुने कीमत पर बेचा जा रहा है।