
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जिले के भोमा जनशिक्षा केंद्र के अधीन प्राथमिक व माध्यमिक शाला कामता में मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों की थाली में इल्ली निकलने का मामला सामने आया। अभिभावकों में भारी आक्रोश पनप गया। स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायत के बाद जनपद शिक्षा केंद्र सिवनी से मौके पर जांच प्रतिवेदन तैयार करने बीएससी और जनशिक्षक को भेजा गया है। अभिभावक अपने बच्चों की सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं।
स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में इल्ली (कीड़ा) मिलने से विद्यार्थियों ने थाली में ही मध्याह्न भोजन छोड़ दिया था। स्कूल में मध्याह्न भोजन वितरण की जिम्मेदारी ''रागिनी स्व-सहायता समूह'' के पास है, जिसका चयन संस्था व पंचायत स्तर पर किया जाता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समूह द्वारा परोसे गए भोजन में इल्ली मिलने के मामले में पंचनामा व प्रतिवेदन तैयार कर प्राथमिक जांच पूरी कर ली है और इसका विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) आगामी कार्रवाई करने जिला पंचायत को भेजा जा रहा है।
मध्याह्न भोजन से जुड़ी कार्रवाई का प्रभार जिला पंचायत के पास है, इसलिए समूह के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम वहीं से उठाया जाएगा। वहीं जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह बच्चे हमेशा की तरह स्कूल में खाना खाने बैठे थे। तभी एक छात्रा की थाली में परोसी गई सब्जी व दाल में इल्ली तैरती हुई दिखाई दी। छात्रा ने घबराकर तुरंत इसकी जानकारी शिक्षकों को दी, जिसके बाद यह खबर गांव में फैल गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रागिनी स्व-सहायता समूह का मध्याह्न भोजन का ठेका तुरंत निरस्त नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर स्कूल में तालाबंदी करेंगे और उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब सबकी निगाहें जिला पंचायत द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
कामता स्कूल के मध्याह्न भोजन में इल्ली मिलने के मामले में मौके पर बीएसी और जनशिक्षक को भेजकर जांच प्रतिवेदन तैयार कराया गया है, जिसे कार्रवाई के लिए जिला पंचायत भेज दिया गया है। कार्रवाई संबंधी निर्णय वहां से होगा।
सचेंद्र मिश्रा, बीआरसीसी सिवनी
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