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शहडोल में जांच दल की कार्रवाई के डर से पैथालाॅजी संचालक भागे, लौटा स्वास्थ्य विभाग का अमला

रेट सूची चस्पा नहीं की गई है और खून की जांच के लिए अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। नगरवासियों ने कलेक्टर से अवैध पैथालाजियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मा...और पढ़ें

By Vinod ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 01:47:07 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 01:47:07 PM (IST)
शहडोल में जांच दल की कार्रवाई के डर से पैथालाॅजी संचालक भागे, लौटा स्वास्थ्य विभाग का अमला
पैथालाॅजी सेंटर के दरवाजे में लटकता ताला। नईदुनिया

HighLights

  1. तीन पैथालाॅजी संचालित हैं, जिनमें से केवल एक का पंजीयन है।
  2. स्वास्थ्य विभाग ने किसके इशारे पर अभयदान दिया , जांच का विषय
  3. टीम की गतिविधियों की भनक लगते ही अधिकांश पैथालाॅजी संचालक गायब

नईदुनिया न्यूज,ब्यौहारी। स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को पैथालाॅजी सेंटरों की जांच करने पहुंची तो खबर लगते ही कार्रवाई के डर से पैथालाॅजी संचालकर भाग निकले। नगर परिषद के अंतर्गत लछ्मी नारायण मंदिर के पास स्थित ओम पैथालाॅजी के संचालक सुनील तिवारी अपनी पैथालाॅजी बंद कर फरार हो गए।

सुनील तिवारी बिना पंजीयन के खून की जांच कर रहे थे

उल्लेखनीय है कि चांदसी मेडिकल के बगल में सुनील तिवारी बिना पंजीयन के खून की जांच कर रहे थे। उनके पास कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें किसके इशारे पर अभयदान दिया गया है, यह सवाल उठता है। अस्पताल के पास तीन पैथालाजी संचालित हैं, जिनमें से केवल एक का पंजीयन है।


वहां भी कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है

वहीं, एक्सरे सेंटर में एक्सरे करने के लिए टेक्नीशियन तक नहीं हैं, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। एचपी पैथालाॅजी द्वारा दो स्थानों पर संचालन किया जा रहा है, लेकिन वहां भी कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है।

बिना कार्रवाई किए ही लौटने का निर्णय लिया

जिला स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम के प्रभारी डा. रमाकांत शुक्ला और रूजोपचार शाखा प्रभारी धीरेंद्र श्रीवास्तव ने बिना कार्रवाई किए ही लौटने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य विभाग की जिला टीम की गतिविधियों की भनक लगते ही अधिकांश पैथालाॅजी संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग खड़े हुए।

अवैध पैथालाॅजी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग

रेट सूची चस्पा नहीं की गई है और खून की जांच के लिए अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। नगरवासियों ने कलेक्टर से अवैध पैथालाॅजी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।