
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। जिले की जयसिंहनगर तहसील से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। जयसिंहनगर तहसील में पदस्थ पटवारी रमेश पटेल ने प्रभारी तहसीलदार सुषमा धुर्वे पर रिश्वत मांगने और मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा संभागायुक्त (कमिश्नर) शहडोल को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पटवारी रमेश पटेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि नवनियुक्त एसडीएम की व्यवस्थाओं के नाम पर प्रभारी तहसीलदार द्वारा उनसे 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। उनका कहना है कि दबाव के चलते उन्होंने 5 हजार रुपये नकद तथा 5 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से दिए, लेकिन इसके बाद भी लगातार शेष राशि की मांग की जाती रही।
पटवारी का आरोप है कि निर्धारित रकम नहीं देने पर पहले उनका स्थानांतरण कराया गया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, निलंबन अवधि के दौरान मिलने वाला गुजारा भत्ता भी रोक दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।
रमेश पटेल का कहना है कि लंबे समय से हो रही कथित प्रताड़ना और आर्थिक परेशानियों से तंग आकर उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 16 जून तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, इस संबंध में प्रभारी तहसीलदार या जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि कलेक्टर और संभागायुक्त स्तर पर इस गंभीर आरोप की जांच कर क्या कार्रवाई की जाती है।