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शहडोल में पाई जाती हैं जहरीले सर्पों की तीन प्रजातियां, सबसे ज्‍यादा इंडियन स्पेक्टीकल कोबरा, रहें सतर्क

झाड फूंक के चक्कर में कई लोग जान गंवा बैठते हैं। कई ऐसे लोग हैं जो समय से अस्पताल नहीं पहुंचते और उनकी मौत हो जाती है। जिले के सरकारी अस्पतालों में एं...और पढ़ें

By Ravindra VaidyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 12:34:55 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 12:44:26 PM (IST)
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शहडोल में पाई जाती हैं जहरीले सर्पों की तीन प्रजातियां, सबसे ज्‍यादा इंडियन स्पेक्टीकल कोबरा, रहें सतर्क
सांप का रेस्क्यू करता सर्प मित्र दीप। नईदुनिया

HighLights

  1. पांच साल में इलाज के दौरान 30 लोगों की हो चुकी है मौत
  2. बरसात शुरू होते ही जहरीले सांप निकलने लगे बिल से बाहर
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं सामने आती हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। बरसात के शुरू होते ही सांपों का बिलों से निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में अब सर्पदंश के मामले आना शुरू हो गए हैं। शहडोल वैसे भी जंगली जीव जंतुओं के लिए जाना जाता है। यहां पर सर्प भी अधिक संख्या में पाए जाते हैं।

सबसे ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं सामने आती हैं। पिछले पांच सालों की अगर बात करें तो सर्पदंश से 30 लोगों की मौत जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हो चुकी है।हर साल जिले में बड़ी संख्या में लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में घटनाएं होती हैं।


  • इस समय चाहिए कि खेतों व जंगलों में काम करते समय मोटे जूते और दस्ताने पहनें।
  • घरों के आसपास सफाई रखें। झाड़ियों को काटने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

झाड़ फूंक या देसी उपचार की बजाय मरीज को अस्पताल पहुंचाएं

घर के आसपास व बाड़े में पर्याप्त रोशनी का प्रबंध करें, क्योंकि वर्षा शुरू होते ही उमस से सांप बाहर निकलने लगे हैं। झाड़ फूंक या देसी उपचार की बजाय मरीज को अस्पताल पहुंचाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि पहला एक घंटा जीवन रक्षक होता है।

कई तरह के जहरीले सर्प पाए जाते हैं

शहडोल में कई तरह के जहरीले सर्प पाए जाते हैं। इनमें इंडियन स्पेक्टीकल कोवरा जिसे हिंदी में नाग बोलते हैं यह ज्यादा पाया जाता है। कामन करैत जिसे हिंदी में स्थानीय भाषा में कायली बोलते हैं तथा रसल वाइपर भी यहां पाया जाता है। यह तीनों का जहर अत्यंत विषैला हैं जो कि शहडोल में बड़ी संख्या में पाए जा रहे हैं। बैंडिट करैत और अहिराज प्रजाति का सर्प भी यहां पाया जाता है।

सर्पमित्र दीप श्रीवास्तव का कहना है कि अगर विषैला सर्प काटता है तो काटे गए स्थान पर दो दांत के निशान नजर आते हैं। इसके साथ ही पांच से दस मिनट में ही हाथ का रंग नीला पड़े लगता है और नींद जैसी आने लगती है। अगर तत्काल मरीज को अस्पताल ले जाकर इलाज नहीं कराया गया तो जान जाना निश्चित है।

जिला अस्पताल में एंटी वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिसे सांप काटता है, उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर आना चाहिए। देशी इलाज या झाड़ फूक में नहीं पड़ना चाहिए।

डा. शिल्पी सराफ सिविल सर्जन जिला अस्पताल

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