शाजापुर में कुएं में गिरने से 13 हिरण और एक कुत्ते की मौत, वन विभाग की टीम ने की जांच
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने प्रारंभिक जांच में आशंका जताई है कि हिरणों का झुंड किसी आवारा श्वान से बचने के लिए तेजी से भाग रहा था। इसी दौरान वे ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 01:39:05 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 01:39:05 PM (IST)
शाजापुर के कुएं में गिरने से हिरणों की हुई मौत। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- गांव के एक खेत स्थित कुएं में 13 हिरण और एक आवारा श्वान मृत अवस्था में मिले
- आशंका जताई है कि हिरणों का झुंड किसी आवारा श्वान से बचने के लिए तेजी से भागने के दौरान कुएं में गिर गया होगा
- श्वान भी पीछा करते हुए कुएं में गिर गया, जिससे उसकी भी मौत हो गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। जिले के कालापीपल क्षेत्र के खरदौनकलां गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव के एक खेत स्थित कुएं में 13 हिरण और एक आवारा श्वान मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी उस समय लगी, जब खेत मालिक कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए खेत पर पहुंचे।
कुएं से दुर्गंध आने पर उन्होंने नीचे देखा तो कई हिरणों और एक कुत्ते के शव दिखाई दिए। इसके बाद तत्काल वन विभाग, पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने प्रारंभिक जांच में आशंका जताई है कि हिरणों का झुंड किसी आवारा श्वान से बचने के लिए तेजी से भाग रहा था। इसी दौरान वे क्षतिग्रस्त मुंडेर वाले कुएं में जा गिरे। श्वान भी पीछा करते हुए कुएं में गिर गया, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं
वन विभाग के अनुसार मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं। शव सड़-गल चुके थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना एक या दो दिन पहले की है। ग्रामीणों ने बताया कि कुएं की मुंडेर का एक हिस्सा टूटा हुआ था, जिसके कारण यह हादसा हुआ हो सकता है।
हिरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्राणी है
चूंकि हिरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्राणी है, इसलिए नियमानुसार नायब तहसीलदार की मौजूदगी में सभी शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद मौके पर ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वन्य जीव संरक्षण और खुले कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
उल्लेखनीय है कि कालापीपल क्षेत्र हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। कुछ माह पूर्व यहां से लगभग 800 हिरणों को अन्य वन अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया था। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और खुले कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।