
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। पुलिस ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरी काॅल सेंटर संचालन को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। लालघाटी थाना में शुक्रवार रात को विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर 12 लोगों को आरोपित बनाया है। इनमें से छह आरोपितों को गिरप्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपितों सहित छह आरोपी फरार है।
उल्लेखनीय है कि शहर के लालघाटी थाना क्षेत्र में 27 जुलाई को पुलिस ने दबिश देकर एक घर पर से सात युवकों को पकड़ा था। युवकों को पकड़ने की जानकारी लगने पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्र थाने पहुंचे थे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली, निर्देश दिए।
बावजूद मामले में किसी तरह की कार्रवाई नही हुई और युवकों को छोड़ दिया गया था। हालांकि पुलिस ने इस्तगाजा तैयार किया और युवकों के मोबाइल और काॅलिंग के लिए लोगों के मोबाइल नंबर की सूची व अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए गए।
10 दिन बीतने के बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नही होने पर एसपी प्रिंयका शुक्ला ने विशेष टीम बनाई और गंभीरता से जांच के निर्देश दिए।
एसपी का सख्त रूख देख अफसरों ने मामले को दबाने के बजाय बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करने में भलाई समझी और शुक्रवार देर रात केस दर्ज कर लिया।
अब मामले की जांच की जा रही है। कार्रवाई में सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती, साइबर सेल आरक्षक राजेश दांगी, घनश्याम, अनिल सक्सेना की मुख्य भूमिका रही।
एफआईआर के अनुसार काशी नगर शाजापुर में एक्मेविजन कोंचिग सेंटर की आड़ में अवैधानिक गतिविधि चलाने कि सूचना पुलिस को मिली थी। जिस पर पुलिस ने सात युवकों को पकड़ा था। यह मोबाइल से कुछ लोगो से निवेश संबंधित बात करते मिले थे। 13 मोबाइल व कुछ दस्तावेज जब्त किए थे। पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि विकास गुर्जर के साथ मिलकर प्रबोध रोकड़े से 20 जून 2026 से तीन हजार रूपये महीने पर कमरा किराये पर लिया था। शाजापुर निवासी साहिल मंसूरी और फहीम गौरी निर्देशन में शेयर ट्रेडिंग के संबंध में एडवायजरी चला रहा है। इसका कोई लाइसेंस नही था।
साहिल एवं फहीम के विरुद्ध पूर्व में इसी प्रकार कि फर्जी एडवाइजरी कंपनी यूसुफी दरगाह, गिरवर रोड़ शाजापुर पर चलाने के संबंध में 12 दिसंबर 2025 को थाना सायबर एवं हाईटेक अपराध उज्जैन द्वारा केस दर्ज किया गया है।
उस समय सेंटर में 19 युवक-युवतियां पकड़े गए थे। उस समय भी लालघाटी थाना पुलिस की सुस्ती उजागर हुई थी। किंतु किसी भी पुलिस अधिकारी या जवान पर कार्रवाई नही हुई। यह बात भी सामने आई की उज्जैन की टीम के कार्रवाई करने के पहले लालघाटी थाने के एसआई हेमंत पटेल और प्रआ मुकेश पटेल एडवाइजरी काल सेंटर पर पहुंचे थे। किंतु एक वरिष्ठ अधिकारी का फोन आ जाने के कारण वह लौट गए थे।
पुलिस ने शुक्रवार रात को कुलदीप धाकड़, जयसिंह गुर्जर, संदीप कराड़ा, पवन सौंती, धर्मेंद्र गोयल, आकाश गुर्जर, राजकुमार गुर्जर, फहिम गौरी, साहिल मंसूरी, प्रवीण गोयल, विकास गुर्जर और विशाल गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से कुलदीप, संदीप, प्रवीण, विकास, विशाल और राजुकमार को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार मामले में लालघाटी थाना पुलिस से लेकर कुछ अधिकारियों की सुस्ती भी सामने आई है। इसी के चलते दस दिन बाद भी मामले की जांच आगे नही बढ़ी। वहीं दो आरोपितों के बड़े पुलिस अधिकारी के समक्ष पेश होने की बात भी सामने आई। यह जानकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। जिस पर मामले में खुद एसपी शुक्ला ने नजर रखी और अब विशेष टीम ही प्रकरण की पड़ताल कर रही है। पूरे मामले में कुछ अफसर और जवानों की कार्यप्रणाली भी चर्चा में है।
नही चलने देंगे अवैध गतिविधि
जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि किसी भी हाल में नही चलने देंगे। कहीं भी कोई अवैध काम, नशीले पदार्थों का विक्रय या अन्य कोई अवैधानिक कार्य होने की जानकारी आमजन को मिले तो वह सीधे मुझे मोबाइल नंबर 7049100461 पर सूचना दे सकते हैं। मामले में विधि अनुसार सख्त कार्रवाई करेंगे।
- प्रिंयका शुक्ला, एसपी शाजापुर