
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-52 पर सुनेरा थाने के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ मजदूरों से भरी एक बस, लकड़ी के टुकड़ों से भरे ट्रक से टकरा गई। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बस चालक मोहरसिंह (42 वर्ष) पुत्र कोमलप्रसाद प्रजापति, निवासी हिरिया कॉलोनी अशोकनगर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार 18 यात्री घायल हो गए। घायलों में से एक बुजुर्ग महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस, डायल-112 एफआरबी और पुलिस वाहनों की मदद से सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
टक्कर के कारण क्षतिग्रस्त हुए ट्रक (क्रमांक एमपी-09-एचजी-9097) में भरे लकड़ी के टुकड़े पूरी सड़क पर बिखर गए थे, जिससे अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ था। थाना प्रभारी मुकाती ने मौके पर मौजूद रहकर स्थानीय लोगों की मदद से लकड़ियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरवाकर सड़क से हटवाया। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कमला बालाजी बस (क्रमांक यूपी-78-एफटी-8231) को भी क्रेन की मदद से सड़क किनारे खड़ा करवाकर यातायात सुचारू रूप से चालू करवाया।
टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक ट्रक लेकर मौके से भाग निकला था, जिसे बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रक में परिवहन की जा रही लकड़ी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या टीपी (ट्रांजिट पास) नहीं थे। इस अवैध परिवहन के मामले में आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस ने वन विभाग को पत्र भेजा है।
पुलिस के अनुसार, बस में सवार सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के ललितपुर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के रहने वाले हैं। यह सभी मजदूर इंदौर जिले के सांवेर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने आए थे। पिछले दिनों हुई वर्षा के कारण भट्ठे का काम बंद हो गया था, जिससे सभी मजदूर वापस अपने गांव लौट रहे थे।
हादसे के बाद सुरक्षित बचे मजदूर हाईवे पर ही परेशान होते रहे, जिन्हें सुनेरा पुलिस ने अन्य बसों की व्यवस्था कर सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।