
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर स्थित शासकीय स्कूल ग्राम मेंहदी के बच्चे शाजापुर स्थित जिला शिक्षाअधिकारी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ एक अभिभावक और एक शिक्षक अरशदुल्लाह पठान भी आए।शिक्षक पठान और स्कूल प्रधान अध्यापक नरेश उगले का कुछ दिन पहले तबादला हुआ है।
शाजापुर आए बच्चे उगले द्वारा मारपीट करने और शिक्षक पठान का तबादला निरस्त कराने की बात को लेकर आए थे। मामले को जिला शिक्षा अधिकारी दीपा कीर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने शिक्षक को जमकर फटकार लगाई।साथ ही स्कूल प्रमुख से भी इस संबंध में चर्चा कर बच्चों के स्कूल छोड़ यहां पहुंचने को लेकर तीखी नाराजगी जाहिर की।
डीइओ कीर ने बताया कि मामले में संबंधितों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। संतोषजनक जबाब नही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों से मारपीट किए जाने की जो बात सामने आइ है उसे लेकर भी जांच कराई जा रही है। चर्चा यह भी है कि शिक्षक पठान ही बच्चों को शाजापुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय लेकर आए थे।
खास बात यह भी है कि घर से स्कूल जाने के लिए निकले बच्चे वाहन में सवार होकर शिक्षक के साथ शाजापुर आ गए। इसके लिए स्कूल प्रमुख भी जिम्मेदार हैं। आखिर कैसे बच्चों को स्कूल की बजाय शाजापुर लाया गया है। यह बच्चों की सुरक्षा और स्कूल प्रमुख का अधिनस्थों पर कमजोर नियंत्रण को भी उजागर कर रहा है।
जिले के कई सरकारी स्कूलों के स्टाफ में आपसी खींचतान है, जिसका असर स्कूल प्रबंधन और बच्चों के अध्यापन पड़ता है। शिक्षक एक-दूसरे को कमजोर करने नीचा दिखाने के लिए विभिन्न माध्यम से शिकायत आदि भी कराते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी तक भी ऐसे स्कूल और स्टाफ की जानकारी पहुंची है। सूत्रोें का कहना है कि विभाग ऐसे स्कूलों के स्टाफ की गतिविधि पर नजर रख रहा है।
ग्राम मेंहदी स्थित स्कूल के बच्चे आए थे। उन्होंने जो भी शिकायत की हैं। उन्हें गंभीरता से लिया है। बच्चों के स्कूल के बजाय शाजापुर पहुंचने को लेकर उनके साथ आए शिक्षक पठान व स्कूल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई है। नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। बच्चों ने मारपीट किए जाने की बात कही है, उसकी भी जांच करा रहे हैं। - दीपा कीर, जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर