13 साल बाद मिला न्याय, हाई कोर्ट ने सड़क हादसे के मृतक के परिवार का मुआवजा बढ़ाया, ब्याज सहित मिलेंगे ₹65 लाख
दुर्घटना के मामले में उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मृतक के परिवार को 13 वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष करते हुए स्थगन की ग ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 20 May 2026 11:12:29 PM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 11:12:29 PM (IST)
अशोक नागर के परिजनों को इंदौर हाई कोर्ट से बड़ी राहत।HighLights
- अशोक नागर के परिजनों को इंदौर हाई कोर्ट से बड़ी राहत
- सारंगपुर MACT कोर्ट से हाई कोर्ट तक 13 साल का संघर्ष
- ₹25.62 लाख का अवार्ड अब बढ़कर हुआ ₹47.87 लाख
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। दुर्घटना के मामले में उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मृतक के परिवार को 13 वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष करते हुए स्थगन की गई आधी राशि और बढ़ाई गई। अतिरिक्त राशि ब्याज सहित लगभग 65 लाख रुपये स्वीकार की गई है।
2013 में ट्रक की टक्कर से हुई थी अशोक नागर की मौत
अभिभाषक आनंदीलाल पाटीदार ने बताया कि 15 सितंबर 2013 को अशोक नागर निवासी ग्राम रायपुरिया, पचोर जिला राजगढ़ (एमपी) मोटर साइकिल से पचोर से अपने गांव जा रहा था। रास्ते में खुजनेर रोड पर वाहन ट्रक क्रमांक- एमपी-09-केडी-9469 ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और चालक ट्रक लेकर भाग गया। इस घटना में एफआईआर अज्ञात वाहन के खिलाफ दर्ज की गई।
बीमा कंपनी की आपत्ति खारिज
बाद में पुलिस जांच के दौरान चश्मदीद साक्षियों द्वारा दुर्घटना कारित करने वाले वाहन का नंबर दर्ज करवाया गया। हादसा करने वाले ट्रक की बीमा कंपनी ने आपत्ति की कि वाहन को झूठा फंसाया गया है, किंतु बीमा कंपनी इसके साक्ष्य नहीं दे सकी। ऐसे में एमएसीटी न्यायालय सारंगपुर ने घटना को प्रमाणित मानकर मृतक के पक्ष में 25 लाख 62 हजार 712 रुपये का अवार्ड पारित किया।
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ब्याज मिलाकर परिवार को मिलेंगे ₹65 लाख
बीमा कंपनी ने उच्च न्यायालय में अपील प्रस्तुत कर स्थगन लिया। मृतक के वैधानिक वारिसों ने उच्च न्यायालय में अवार्ड राशि बढ़ाने के लिए अपील की, जिस पर उच्च न्यायालय ने राशि बढ़ाकर 47 लाख 87 हजार 232 रुपये की अवार्ड राशि स्वीकार की। साथ ही पूर्व में अवार्ड की 50 प्रतिशत राशि पर लगी रोक को समाप्त किया। गणना करने पर मृतक के परिवार को अब अवार्ड एवं ब्याज की लगभग 65 लाख रुपये प्राप्त होंगे।