
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। शाजापुर जिले के मक्सी क्षेत्र में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल के बाहर खड़ी एसी बस में लगी आग में चार वर्षीय मासूम जिंदा जल गया। बच्चे के पिता के अनुसार बस में अग्रिशमन यंत्र, चिकित्सा सुविधा या इमरजेंसी द्वार नही था। जिसके कारण बच्चे अंदर ही फंसा रह गया और उसकी जलने से मौत हो गई। वे इसे हादसा नही हत्या करार देते हैं।
कहते हैं बस संचालक, चालक और सरकारी महकमा इसके लिए जिम्मेदार है। हादसे के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नही होना जिम्मेदारों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है। इस हादसे के बाद नईदुनिया टीम ने जिले में संचालित यात्री बसों की स्थिति देखी। 18 मई के अंक में बसों की स्थिति को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। जिस पर यातायात पुलिस ने यात्री बसों की चेकिंग कर चालानी कार्रवाई करने की बात कहीं।
19 मई को जिला परिवहन अधिकारी रीना किराड़े भी रोड पर उतरी और यातायात पुलिस के साथ मिलकर यात्री बसों की चेकिंग की। इस दौरान भी बसों में सुरक्षा उपाय, यात्री सुविधाओं की अनदेखी किए जाने की स्थिति सामने आइ। हालांकि इसके बावजूद यात्री बसें अभी भी मनमाने आलम में ही चल रही हैं। अधिकांश बसों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जा रही है।
जिले में वाहनों में आग लगने की घटना लगातार सामने आ रही हैं। दो वर्ष में यात्री बसों में आग लगने की चार घटना हो चुकी हैं। तीन घटना में सिर्फ बस जलकर खाक हुईं किंतु शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात मक्सी के पास होटल के बाहर खड़ी बस में लगी आग में चार वर्षीय बच्चा अनय पुत्र अभिषेक जैन जिंदा जल गया।
इसके पहले सनकोटा में गत वर्ष होटल के बाहर एक वर्ष में और उसके बाद चलती बस में आग लगी। वहीं इस वर्ष अप्रैल माह में बरातियों से भरी बस में आग लगी और फिर चौथी घटना मक्सी में हुई। सभी घटनाओं में सुरक्षा उपाय और नियमों की अनदेखी सामने आई। जो अब भी जारी है।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना परिवहन और यातायात पुलिस अमला, जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। संबंधितों को अभियान चलाकर प्रभारी कार्रवाई कर यात्री वाहनों में नियमों का पालन कराना चाहिए। साथ ही मक्सी में बस में लगी आग में बच्चे की जलने से मौत की घटना दुखद है। इस मामले में भी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। - महेंद्रसिंह सोलंकी, सांसद शाजापुर-देवास