
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। दक्षिण-पश्चिमी मानसून के आगमन के पहले सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं। शुक्रवार को तीखी धूप और पश्चिमी गर्म हवा के साथ ही वातावरण में व्याप्त उमस भरी गर्मी ने लोगों ने बेहाल कर दिया। दिन का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी से राहत के लिए हर किसी को मानसून का बेसब्री से इंतजार है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के कुछ और भागों, तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के शेष भागों में आगे बढ गया है। आगामी दो-तीन दिनों के दौरान मध्य अरब सागर एवं महाराष्ट्र के कुछ और भागों, कर्नाटक, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के शेष भागों, पश्चिम-मध्य एवं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल एवं बिहार तथा छत्तीसगढ़, ओडिशा के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मप्र सहित जिले में 15 से 18 जून के आस-पास पहुंचने की संभावना है।
गर्म हवाएं चलने के साथ ही चुभती धूप के कारण दोपहर को शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। मुख्य सड़कों पर इक्का दुक्का लोग ही आते जाते नजर आए। उमस के कारण जून के महीने में नवतपा जैसी गर्मी का एहसास होता नजर आया। गर्मी का प्रभाव फिर बढ़ने से शीतल पेय जूस, छाछ, लस्सी कोल्डड्रिंक्स की मांग बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में तापमान ऐसा ही रह सकता है। शहर में सुबह नौ बजे से ही सूरज की तीखी किरणों के कारण तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। दोपहर होते-होते गर्म हवाएं चलने लगी। गर्मी से बचने के लिए लोग घरों से बाहर कम ही निकले। स्थिति यह है कि दिन के समय तापमान बढ़ने से पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। गर्मी में तरावट के लिए लोग शीतल पेय की दुकानों पर गन्ने के जूस, कोल्ड्रिंक पीते नजर आए।
मानसून के आगमन को लेकर किसान भी सक्रिय हो गए हैं। खेतों में जुताई करके खेत तैयार किए जा रहे हैं। जैसे ही बारिश होगी किसान बुआई करेंगे। बीज के लिए अधिकांश किसान प्रायेवट विक्रेताओं के भरोसे हैं।
ऐसे में कई दुकानदार बीज के मनमाने दाम भी वसूलते हैं। वहीं कई बार हल्का या घटिया बीज भी बेंचा जाता है।किसानों की मांग है कि सरकार को किसानों को अच्छी क्वालिटी का बीज आवश्कयता अनुसार उपलब्ध कराना चाहिए।
वर्षा थमने के कारण उमस व गर्मी हो रही है। जिसका लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। वर्षा से गर्मी से राहत मिली थी किंतु अब फिर गर्मी बढ़ने से मौसमी बीमारी भी लोगों को हो रही हैं। इसमें डायरिया, त्वचा, लू लगना, पानी की कमी, फूड पाइजनिंग आदि समस्या शामिल हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक जेपी शर्मा के मुताबिक तेजी से तापमान बदलने पर शरीर को अपना तापमान बनाने में वक्त लगता है।
इसके चलते शरीर को नुकसान होता है। इससे शरीर में पानी की कमी, कन्फ्यूजन, तेज या कमजोर नब्ज, छोटी-धीमी सांस, बेहोशी तक आ जाने की नौबत तक आ जाती है। इन बीमारियों से बचने के लिए दिन के सबसे ज्यादा गर्मी वाले समय में घर से बाहर नहीं निकलें, धूप से बचें। अत्यधिक मात्रा में पानी और जूस का सेवन करें, ताकि शरीर में पानी की कमी नहीं हो। ढीले-ढाले और हल्के रंग के कपड़े पहनें। उमसभरी गर्मी में फूड पाइजनिंग आमतौर पर हो जाती है। जिससे बचने के लिए खान-पान में सावधानी रखनी चाहिए।