
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क आज सुबह एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। अफ्रीका से 9 नए चीते आज शनिवार सुबह कूनो पहुंचेंगे।
इनके आने के साथ भारत का चीता पुनर्वास कार्यक्रम एक और अहम चरण में प्रवेश करेगा। इस दल में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं, जिन्हें अफ्रीकी देश बोत्सवाना से लाया जा रहा है।
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चीता प्रोजेक्ट से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार बोत्सवाना से उड़ान भरने वाला विशेष विमान आज सुबह 7 से 8 बजे के बीच ग्वालियर एयरबेस पर उतरेगा। इसके बाद भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों से चीतों को सीधे कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा।
ग्वालियर से कूनो तक हेलीकॉप्टर का सफर करीब एक घंटे का रहेगा, जबकि अफ्रीका से भारत तक की उड़ान लगभग 9 से 10 घंटे की होगी।

कूनो नेशनल पार्क में इन नए चीतों के लिए पहले से विशेष पृथकवास बाड़े तैयार कर लिए गए हैं। यहां उन्हें लगभग एक महीने तक रखा जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखेगी।
खाने-पीने से लेकर उनकी हर गतिविधि की जांच होगी, ताकि किसी भी तरह की बीमारी या संक्रमण का खतरा न रहे। पार्क प्रशासन ने हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए 5 हेलीपैड बनाए हैं।
पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वन विभाग और तकनीकी टीम हर स्तर पर सतर्क रहेगी, ताकि चीतों को नए वातावरण में ढलने में कोई परेशानी न हो।
यह अफ्रीकी चीतों का भारत आने वाला तीसरा समूह होगा। इससे पहले सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 चीते और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए थे। आज आने वाले दल के बाद देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 48 हो जाएगी।
फिलहाल कूनो में 39 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य भेजा गया है। चीतों को अलग-अलग इलाकों में रखने का मकसद पूरी आबादी को किसी संभावित बीमारी से बचाना है।
प्रजनन के मोर्चे पर भी प्रोजेक्ट से पुष्टि मिली है कि हाल के वर्षों में अच्छे नतीजे सामने आए हैं। 2023 से अब तक कूनो में 40 शावकों का जन्म हुआ है, जिनमें से 28 जीवित हैं।
यह संकेत है कि भारत में चीते अब नए जंगल को अपना रहे हैं। बोत्सवाना से लाए जा रहे 9 चीते आज सुबह विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचेंगे, इसके बाद हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क लाए जाएंगे।