
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए 'हमारे शिक्षक' एप में तकनीकी खामी सामने आने से शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। विभाग ने 1 जुलाई से ई-अटेंडेंस को वेतन से जोड़ने के बाद सोमवार से लोकेशन लॉक सिस्टम भी लागू कर दिया। पहले ही दिन कई शिक्षकों ने स्कूल परिसर में खड़े होकर सेल्फी ली, लेकिन एप ने उन्हें स्कूल से 1200 मीटर से लेकर 87 लाख मीटर तक दूर दिखा दिया। तकनीकी गड़बड़ी के कारण शिक्षकों में वेतन कटने की चिंता बढ़ गई है।
ई-अटेंडेंस को वेतन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए
शिक्षकों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में तेजी से वायरल हो रहे हैं। शिक्षक संगठन शुरू से ही इस एप को अव्यवहारिक बताते रहे हैं और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। उनका कहना है कि जब तक तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक ई-अटेंडेंस को वेतन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
स्कूल में खड़े शिक्षक को बताया 8758 किलोमीटर दूर
सबसे चौंकाने वाला मामला पोहरी ब्लॉक के कबीरखेड़ी स्कूल का सामने आया। यहां पदस्थ शिक्षक कृष्णवल्लभ मुदगल ने स्कूल परिसर में खड़े होकर सेल्फी ली, लेकिन एप ने उन्हें 87 लाख 58 हजार 836 मीटर (करीब 8758.83 किलोमीटर) दूर बताया और 200 मीटर के दायरे में आने का संदेश दिखाया।
इसी तरह पोहरी के प्राथमिक विद्यालय मेहरा की शिक्षिका ज्योति धाकड़, घनश्याम कटारे और घनश्याम शर्मा समय पर स्कूल पहुंचे, लेकिन एप ने उनकी लोकेशन 1146 मीटर दूर दिखाई। करीब डेढ़ घंटे तक प्रयास करने के बाद भी अटेंडेंस दर्ज नहीं हो सकी, जिसके बाद संकुल प्रभारी को सूचना दी गई।
वहीं शिवपुरी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बूढ़ीबरौद के शिक्षक नवेन्द्र सिकरवार और इस्तियाक बेग मिर्जा को भी एप ने 4668 मीटर दूर दिखा दिया।
शिक्षकों ने बताईं ये व्यावहारिक दिक्कतें
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना मुश्किल हो रहा है। शिक्षकों का कहना है कि एक मिनट की देरी होने पर भी अटेंडेंस नहीं लगती और पूरे दिन का वेतन कटने का प्रावधान है। बारिश के मौसम में नदी-नाले उफान पर होने से कई गांवों का संपर्क भी बाधित रहता है, जिससे अप-डाउन करने वाले शिक्षकों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
डीईओ बोले- तकनीकी खामी जल्द होगी दूर
जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव ने कहा कि लोकेशन संबंधी समस्या उनके संज्ञान में है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को अवगत कराया जाएगा, ताकि तकनीकी खामी जल्द दूर कर शिक्षकों को राहत मिल सके।