
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। यूजीसी कानून के विरोध में रविवार को सवर्ण समाज द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में जिले भर में सवर्ण समाज के लोग बाजार बंद करने की अपील करते हुए अपना विरोध प्रकट कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर 1 फरवरी को भाजपा की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट पेश किया था, जिसके चलते शिवपुरी के माधव चौक चौराहे सहित करैरा में पुलिस सहायता केंद्र पर बजट भाषण के लाइव टेलीकास्ट में यूजीसी का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोगों ने घुसकर प्रदर्शन किया।
माधव चौक चौराहे पर यूजीसी का विरोध कर रहे सवर्ण समाज का टेंट और भाजपा की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लाइव टेलीकास्ट का टेंट पास-पास में ही लगा हुआ था, जिसके पहले तो सवर्ण समाज के लोगों ने लाइव टेलीकास्ट के दौरान ही भाजपा के टेंट में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते लाइव टेलीकास्ट को बंद कर दिया गया। सवर्ण समाज के लोगों ने भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव को ज्ञापन भी सौंपा। सवर्ण समाज के विरोध के बाद सभी भाजपा नेता लाइव टेलीकास्ट छोड़कर वहां से लौट गए।
इसी क्रम में करैरा में भी पुलिस सहायता केंद्र के पास भाजपा के बजट भाषण का लाइव टेलीकास्ट चल रहा था। यहां भी यूजीसी का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोगों ने भाजपा के लाइव टेलीकास्ट के टेंट में घुसकर उसका विरोध किया और भाजपा के लाइव टेलीकास्ट को बंद करवा दिया। यहां से भी भाजपा नेताओं को बिना भाषण सुने ही लौटना पड़ गया। इसके अलावा जिले भर में कई स्थानों पर दुकानदारों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
करैरा में एक आन लाइन के संचालक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर बताया कि करैरा में यूजीसी कानून का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोगों ने उस पर दुकान बंद करने के लिए दवाब बनाया। इसी क्रम में जब वह दुकान बंद कर रहा था, तभी प्रदर्शनकारियों ने उसके साथ मारपीट की, इस दौरान उसका लैपटॉप भी टूट गया। उक्त युवक का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की। इस दौरान उसके कंधे में भी चोट आई है।
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नरवर में भी यूजीसी के विरोध के दौरान धुवाई बाजार में कुशवाह समाज के दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल रखी थीं। यूजीसी कानून का विरोध कर रहे लोगों ने जब दुकानें बंद करने को कहा तो दूसरे पक्ष ने दुकानें बंद करने से इन्कार कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति निर्मित हो गई। यहां दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलीं और पथराव हुआ।