• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • रक्षाबंधन
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • टीकमगढ़

CSC से बिना बताए निकली गर्भवती महिला, आधी रात सड़क पर शिशु को दिया जन्म, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

टीकमगढ़ के बड़ागांव में हीमोग्लोबिन कम होने पर जिला अस्पताल रेफर की गई गर्भवती महिला आधी रात को बिना बताए अस्पताल से निकल। सड़क पर ही शिशु को जन्म दिय...और पढ़ें

By Manish AsatiEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 12:38:40 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 12:38:40 PM (IST)
CSC से बिना बताए निकली गर्भवती महिला, आधी रात सड़क पर शिशु को दिया जन्म, जच्चा-बच्चा सुरक्षित
टीकमगढ़ में एक महिला ने रोड पर बच्चे को जन्म दिया। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. टीकमगढ़ CSC से एनीमिक गर्भवती महिला आधी रात को अस्पताल से निकल गई
  2. अस्पताल से लगभग 1 किलोमीटर दूर रात करीब 2 बजे महिला ने शिशु को जन्म दिया
  3. अस्पताल की नर्सों ने इसका पता चलते ही इलाज किया, जच्चा-बच्चा दोनों हेल्दी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़। बड़ागांव कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला डॉक्टरों द्वारा रेफर किए जाने के बाद आधी रात को बिना किसी को कुछ बताए चुपचाप अस्पताल से बाहर निकल गई। इसके बाद अस्पताल से महज एक किलोमीटर दूर सड़क पर ही महिला का प्रसव हो गया। उसने शिशु को जन्म दिया। सुबह जानकारी मिलते ही अस्पताल स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया। फिलहाल दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

खून की कमी के चलते किया गया था रेफर

जानकारी के अनुसार, ककरवाहा गांव निवासी जशरथ कुशवाहा अपनी पत्नी गीता कुशवाहा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार रात करीब 8 बजे बड़ागांव CSC लेकर आया था। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स दीपाली सनोदिया और कलन यादव ने प्राथमिक जांच की, तो महिला में खून की कमी (मात्र 6 पॉइंट) पाई गई। सामान्य स्थिति के लिए 10 से 11 पॉइंट हीमोग्लोबिन होना जरूरी होता है। महिला की नाजुक स्थिति और प्रसव के दौरान किसी बड़े खतरे की आशंका को देखते हुए डॉक्टर्स ने उसे तुरंत जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया और 108 एम्बुलेंस भी बुलवा ली।


अस्पताल से चुपचाप निकली और रास्ते में हुआ प्रसव

अस्पताल स्टाफ के अनुसार, रेफर करने के बाद महिला जिला अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं हुई। इसी बीच उसका पति किसी काम से गांव लौट गया और अस्पताल में महिला के साथ केवल उसकी सास प्रेमबाई ही मौजूद थी।

रात करीब 12 बजे के बाद गर्भवती महिला गीता अपनी सास के साथ बिना किसी को बताए पैदल ही कस्बों की तरफ निकल गई। अस्पताल से करीब एक किलोमीटर दूर 'बजरंगबली आश्रम' के गेट के पास आधी रात (रात करीब 2 बजे) सड़क पर ही महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और उसने शिशु को जन्म दे दिया। रात के सन्नाटे में आसपास किसी के न होने पर सास ने पास ही रहने वाले अपने एक परिचित के घर जाकर मदद ली और जच्चा-बच्चा को वहां पहुंचाया।

सुबह पता चलते ही अस्पताल लाया गया

बुधवार सुबह करीब 6 बजे जब अस्पताल की नर्सों को सूचना मिली कि महिला ने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया है, तो वे तुरंत वाहन लेकर मौके पर पहुंचीं। मां और नवजात शिशु को संभालकर वापस बड़ागांव अस्पताल लाया गया और भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

लापरवाही पर आमने-सामने पक्ष

मामले को लेकर अस्पताल स्टाफ का कहना है- महिला में खून काफी कम था, जिससे प्रसव के समय गंभीर खतरा हो सकता था। इसी एहतियात के तौर पर एम्बुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन वह बिना किसी को सूचना दिए अस्पताल से चली गई। सुबह जानकारी मिलते ही टीम भेजकर उसे सुरक्षित लाया गया।

वहीं, परिजनों का आरोप है- अस्पताल पहुंचने पर स्टाफ ने मरीज की सही देखरेख करने के बजाय सीधे रेफर का कागज थमा दिया था, जिससे वे घबरा गए थे।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर-इटावा हाईवे पर दो डंपरों में भिड़ंत, केबिन में फंसा चालक; 1.5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, डायल-112 और पुलिस की तत्परता से बची जान