
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : कालभैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए वीआईपी गेट के सामने जिगजैग का निर्माण किया है, जिससे होकर भक्त मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को भी बंद कर दिया गया है।
मंदिर प्रशासक संध्या मार्कण्डेय ने बताया श्रावण मास शुरू होते ही कालभैरव मंदिर में आस्था का ज्वार उमड़ने लगा है। प्रतिदिन दो लाख से अधिक भक्त भगवान कालभैरव के दर्शन करने मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था के इंतजाम किए हैं।
पटवारी महेश देपन के अनुसार भीड़ नियंत्रित करने के लिए मंदिर के प्रोटोकॉल द्वार के सामने मैदान में अतिक्रमण हटाकर वहां दान में प्राप्त बैरिकेड से नया जिगजेग बनाया है।
दर्शनार्थियों को जिगजेग से कतार के रूप में मुख्य द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। श्रावण में भीड़ की स्थिति को देखते हुए सारी व्यवस्था आम भक्तों को केंद्र मे रखकर बनाई गई है। आम भक्त की सुविधा के लिए वीआइपी प्रोटोकाल बंद कर दिया गया है।
उज्जैन: कालभैरव मंदिर के बाहर पानी की बोतल बेचने को लेकर शुक्रवार शाम दो पक्षों में विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान लोहे की पाइप और डंडे से हमला किए जाने का आरोप है।
घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बहुप्रसारित हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलने पर भैरवगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया है।पुलिस के अनुसार ग्राम चकभीतरी निवासी जीवन पुत्र चंदर सिंह चावड़ा अपने बड़े भाई लखन चावड़ा के साथ कालभैरव मंदिर के बाहर पानी की बोतल बेच रहा था।
जीवन का आरोप है कि गांव का निवासी संदीप पुत्र गब्बर सिंह, अनिल चावड़ा, बंटी चावड़ा और एक अन्य युवक वहां पहुंचे और मंदिर के बाहर पानी बेचने के लिए प्रतिदिन 100 रुपये देने की मांग की। जीवन के अनुसार उसने रुपये देने से इनकार किया तो आरोपितों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। आरोप है कि बंटी ने जीवन को पकड़ लिया और उसके साथ मौजूद एक युवक ने लोहे की पाइप से हमला कर दिया। इस दौरान जीवन को चोट आई। मंदिर के बाहर मारपीट होते देख आसपास मौजूद लोगों और साधु-संतों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया।
इसके बाद घायल युवकों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने भैरवगढ़ थाने पहुंचकर अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।