
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के मंदिर में आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। रविवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मंदिर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ दर्शन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भक्तों को कम से कम समय में सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही के रास्तों और मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने का पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंदिर परिसर और 'श्री महाकाल लोक' में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित निर्माण एजेंसियों को दो टूक कहा कि महापर्व से पहले सभी आवश्यक कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्माण कार्यों की वजह से श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस दौरान मंदिर प्रशासक व अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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महाशिवरात्रि पर्व के विशेष अवसर पर भगवान महाकाल के गर्भगृह की आभा को निखारने का कार्य भी शुरू हो चुका है। मंदिर के गर्भगृह की रजत मंडित दीवारों, रुद्रयंत्र और चांदी के द्वारों की सफाई का कार्य अनुभवी कारीगरों द्वारा किया जा रहा है।
मंदिर समिति के अनुसार, नियमित आरती और पूजन के दौरान धूप, दीप और कर्पूर प्रज्वलन से चांदी की चमक कम हो जाती है। इसे पुन: चमकाने के लिए विशेष प्राकृतिक रसायनों का उपयोग किया जा रहा है। पर्व तक पूरा गर्भगृह चांदी की नई चमक के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार हो जाएगा।