प्रयागराज महाकुंभ में फेमस हुईं हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में लिया सन्यास, जानें क्या रखा अपना नया नाम
अक्षय तृतीया पर रविवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और माडल हर्षा रिछारिया ने मौनतीर्थ आश्रम में सन्यास दीक्षा ली। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 19 Apr 2026 10:15:45 PM (IST)Updated Date: Sun, 19 Apr 2026 10:15:45 PM (IST)
हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में लिया सन्यासHighLights
- अक्षय तृतीया पर मौनतीर्थ आश्रम में सन्यास दीक्षा
- हर्षा रिछारिया बनीं हर्षानंद गिरि महाराज
- पिंडदान और वैदिक विधि के बाद अपनाया वैराग्य
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। अक्षय तृतीया पर रविवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और माडल हर्षा रिछारिया ने मौनतीर्थ आश्रम में सन्यास दीक्षा ली। पंचायती निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने हर्षा को दीक्षा के साथ नया नाम दिया। हर्षा रिछारिया अब हर्षानंद गिरि महाराज के नाम से जानी जाएंगी।
शिखा और दंड की विधि कराई गई
रविवार सुबह आश्रम में हर्षा को सन्यास परंपरा के अनुसार शिखा और दंड की विधि कराई गई। साथ ही तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध कर्म भी कराया गया। यह विधि वर्तमान सांसारिक जीवन के त्याग तथा आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद उन्होंने सन्यास ग्रहण किया। सन्यास के साथ उन्हें हर्षानंद गिरि के रूप में नया नाम भी दिया गया।
ये बोलीं हर्षानंद गिरि
हर्षानंद गिरि ने कहा कि वे अपना जीवन धर्म, संस्कृति व समाज की सेवा में लगाना चाहती हैं। वे सन्यास के नियमों का पालन करते हुए अनुशासित जीवन व्यतित करेंगी। आगे से उनका जीवन गुरु की आज्ञा से जन कल्याण के लिए समर्पित रहेगा।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आई थीं
हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आई थीं। उस समय उन्हें निरंजनी अखाड़े की पेश्वाई में ही रथ पर बैठे देखा गया था। करीब डेढ़ साल बाद बाद उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ 2028 से पहले उन्होंने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि महाराज से दीक्ष ले ली।