इंदौर में 10 मौतों के बाद उज्जैन सेवाधाम शिफ्ट हुए 86 बच्चे, एक साल में 38 मौतों पर संचालक बोले- अब नहीं चलाएंगे आश्रम
उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में इंदौर के युगपुरुष आश्रम से लाए गए 86 बच्चों में से 17 की मौत के मामले में जांच शुरू हुई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 25 Feb 2026 11:59:58 PM (IST)Updated Date: Thu, 26 Feb 2026 12:10:43 AM (IST)
उज्जैन सेवाधाम आश्रम में इंदौर से लाए 17 बच्चों की मौत। फाइल फोटोHighLights
- इंदौर से लाए गए 17 बच्चों की मौत
- एक साल में आश्रम में 38 मौतें दर्ज
- सेवाधाम आश्रम में मौतों पर शुरू हुई जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन: उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम में इंदौर से स्थानांतरित किए गए बच्चों में हुई मौतों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल से भी आवश्यक जानकारी मांगी है।
इंदौर से 86 बच्चों का किया गया था स्थानांतरण
गौरतलब है कि जून-जुलाई 2024 में इंदौर के युगपुरुष आश्रम में हैजा से 10 बच्चों की मौत के बाद शासन ने वहां रह रहे 86 बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया था। इनमें 34 लड़के और 52 लड़कियां शामिल थीं।
स्थानांतरण के लगभग एक महीने बाद 23 जनवरी 2025 से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। रिकॉर्ड के अनुसार एक वर्ष की अवधि में आश्रम में कुल 38 लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें 17 बच्चे इंदौर के युगपुरुष आश्रम से लाए गए थे।
लापता बालक का मामला भी दर्ज
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। 13 वर्षीय राहुल नामक बालक 5 फरवरी 2026 से लापता है। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भैरवगढ़ थाना में दर्ज कराई गई है।
विभाग ने मांगी विस्तृत जानकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने स्थानीय प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किन परिस्थितियों में बच्चों की मौतें हुईं। साथ ही आश्रम में निगरानी व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और देखभाल संबंधी प्रबंधों की भी जांच की जा रही है।
आश्रम प्रबंधन का पक्ष
सेवाधाम आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल का कहना है कि इंदौर से आए बच्चे पहले से ही अत्यंत गंभीर स्थिति में थे। वे कुपोषण, फेफड़ों की क्षति, टीबी, मिर्गी और अन्य गंभीर संक्रमणों से पीड़ित थे। उनका आरोप है कि इंदौर की संस्था ने बच्चों का पूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। उन्होंने बताया कि सभी मृत बच्चों का पोस्टमॉर्टम कराया गया और नियमानुसार पुलिस को सूचना दी गई।
सुधीर गोयल ने यह भी कहा कि अब वे बालक-बालिकाओं का आश्रम संचालित नहीं करेंगे, इसके लिए वह संबंधित विभागों को पत्र लिख चुके हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।