
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। सिंहस्थ के लिए उज्जैन से दूसरे शहरों को जोड़ने वाली सड़कों पर तेजी से काम हो रहा है, लेकिन उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन को अब भी मंजूरी का इंतजार है। ऐसे में सिंहस्थ से पहले इसका पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
इंदौर के साथ ही झालावाड़ा रोड पर ट्रैफिक का सबसे ज्यादा दबाव होता है। राजस्थान की ओर से आने वाले वाहन इसी रास्ते से उज्जैन पहुंचते हैं। अभी यह रास्ता टू लेन होने की वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सिंहस्थ के दौरान इस मार्ग पर उज्जैन आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक इस रोड पर घट्टिया के बाद गाड़ियों के स्पीड़ 50 किमी से ऊपर नहीं पहुंच पाती।
उज्जैन झालावाड़ रोड को चौड़ा कर फोरलेन बनाने का प्रस्ताव एनएचएआई ने एक साथ पहले ही रखा था। इसके लिए 2700 करोड़ रुपये लागत का प्लान भी भेजा गया था। लेकिन इसे अभी तक इसे केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिल सकती है।
एनएचएआई उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी न मिलने से ही टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी इसके लिए टेंडर की प्रोसेस शुरू हो सकेगी। एनएचएआई ने फोरलेन का निर्माण जल्द शुरू करवाने के लिए सभी तैयारियां भी कर रखी हैं।