
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उधार लिए रुपये नहीं चुकाने पर एक व्यक्ति की दो युवकों व एक नाबालिग ने मिलकर हत्या कर दी थी। तीनों ने युवक के सिर पर तलवार मारी। उसके बाद तालाब में डूबाकर हत्या कर दी थी। दो दिन बाद शव ऊपर आया, तो पत्थर बांधकर उसे फिर डूबा दिया था। पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को कोर्ट ने दो आरोपियों को आजीवन कैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि नरेंद्र पुत्र मुरलीसिंह सौधिया (22 साल) निवासी खेडाखजूरिया राघवी से सुनील पुत्र कचरूलाल परमार (25 वर्ष) निवासी ढाबलीकम्मा थाना राघवी ने डेढ लाख रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस नहीं देना पड़े, इसलिए सुनील ने अपने साथी बलराम उर्फ बल्लू पुत्र सिद्धूलाल परिहार उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम खेड़ाखजूरिया और एक नाबालिग को रुपये का लालच देकर नरेंद्र की हत्या करने की योजना में शामिल कर लिया था।
तीनों ने 7 अगस्त 2023 को नरेंद्र को रुपये देने के बहाने फोन लगाकर उज्जैन से खेडाखजूरिया बुलाया था। तीनों उसे लेकर खेडाखजूरिया की अनाज मंडी के पीछे ले गए थे। जहां बलराम ने नरेंद्र के पीछे से सिर पर तलवार से वार कर दिया था। नरेंद्र ने शोर मचाया तो तीनों ने उसका मुंह बंद कर उसे घसीटकर तालाब में ले गए। वहां उसे डूबाकर मार दिया। उसके बाद तलवार व नरेंद्र का मोबाइल तोड़कर पानी में फेंक दिया था। तीनों ने अपने कपड़े भी जलाने का प्रयास किया था। मगर गीले होने के कारण पूरी तरह नहीं जले थे।
वारदात के दूसरे दिन 8 अगस्त 2023 को बलराम घटना स्थल डबरी में देखने गया, तो मृतक नरेंद्र का सिर पानी के उपर आ गया था। उसने लाश पर पत्थर से बांधकर उसे वापस डूबो दिया था। घटना के तीसरे दिन 9 अगस्त 2023 को बलराम, सुनील व नाबालिग ने शव को पानी से बाहर निकाला। बोरी में भरकर उसे मैलानिया पान बिहार रोड के किनारे स्थिति ग्राम महुडी में फेंक दिया था। 15 अगस्त को 2023 को खेत मालिक अंतर सिंह निवासी महुडी की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद किया था।
पुलिस ने टावर लोकेशन व कॉल डिटेल के आधार पर सुनील, बलराम व नाबालिग को 19 अगस्त को 2023 को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने सुनील व बलराम को आजीवन कैद की सजा सुनाई है।