
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सोशल मीडिया पर वायरल एक आपत्तिजनक वीडियो को लेकर अघोर आश्रम द्वारा निंदा की गई है। खुद अघोरी’ बताने वाली एक महिला द्वारा श्मशान घाट पर अंतिम संस्कराधीन मानव देह के साथ छेड़छाड़ और धारदार हथियार से क्रियाएं की जा रही है।
अखाड़ा के पीठाधीश्वर राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णु नाथ ने मामले की शिकायत पुलिस से की है और सनातन व अघोर परंपरा के नाम पर पाखंड फैलाने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
बाबा विष्णु नाथ ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि उक्त महिला जलती हुई चिता के अत्यंत निकट पहुंचकर धारदार हथियार या औजार की मदद से चिता की सामग्री और शव के अवशेषों के साथ छेड़छाड़ कर रही है। शिकायत में यह आशंका जताई गई है कि यदि यह कृत्य वास्तविक मानव शव के साथ छेड़छाड़ का है, तो यह न केवल अत्यंत अमानवीय और घृणित है, बल्कि यह सीधे तौर पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धारा 301 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
आवेदन में अघोर अखाड़ा की ओर से कहा गया कि इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि उज्जैन प्राचीन काल से ही शैव, नाथ और अघोर साधना की पवित्र भूमि रही है। अघोर साधना कोई पब्लिसिटी स्टंट या सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक कठोर अनुशासित और गुरु-परंपरा पर आधारित आध्यात्मिक साधना है।
पीठाधीश्वर विष्णु नाथ अघोरी ने बताया आरंभिक जानकारी के अनुसार, उक्त महिला के किसी भी प्रमाणित और मान्य अघोर गुरु या परंपरा से जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। केवल लाइक्स, व्यूज और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए श्मशान जैसी पवित्र जगहों की मर्यादा को तार-तार करना और समाज में भ्रामक संदेश फैलाना सनातन संस्कृति का अपमान है।
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