बांधवगढ़ के ज्वालामुखी बफर के बाद दूसरे गेटों से सफारी को लेकर विचार, पर्यटकों के लिए खोले जा सकते हैं पलझा के बंद गेट
Bandhavgarh National Park: ज्वालामुखी के बाद बांधवगढ़ में बफर के दूसरे गेटों को लेकर विचार किया जा रहा है। बांधवगढ़ के दूसरे गेट शुरू होने से बफर में प ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 03 Feb 2026 12:07:59 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Feb 2026 12:07:59 PM (IST)
बांधवगढ़ के ज्वालामुखी बफर के बाद दूसरे गेटों से सफारी को लेकर विचारHighLights
- दूसरी संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा
- अलग-अलग क्षेत्र से बफर में प्रवेश देने की योजना
- आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार मिल सकेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। ज्वालामुखी के बाद बांधवगढ़ में बफर के दूसरे गेटों को लेकर विचार किया जा रहा है। बांधवगढ़ के दूसरे गेट शुरू होने से बफर में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। यही कारण है कि पलझा के बंद गेट को खोले जाने के साथ दूसरी संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
यह सारी कवायद इसलिए की जा रही है, ताकि बांधवगढ़ आने वाले पर्यटकों को बफर की तरफ आकर्षित किया जा सके। बांधवगढ़ आने वाले उन पर्यटकों को अक्सर निराश होना पड़ता है जो बिना एडवांस बुकिंग के यहां पहुंच जाते हैं।
ऐसे पर्यटक बफर में सफारी करके बाघ का दीदार कर सकते हैं। यही कारण है कि अलग-अलग क्षेत्र से बफर में प्रवेश देने की योजना पर पहले भी काम किया जा चुका है।
यहां भी गेट की मांग
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उस हिस्से में भी गेट की मांग लंबे समय से हो रही है जो ग्राम रायपुर-बन्नौदा के नजदीक है। इस दिशा में गेट खुलने से पाली क्षेत्र के आसपास के गांवों में भी काफी विकास हो सकता है। बिरसिंहपुर पाली से मानपुर तक जाने वाली सड़क जंगल के बीच से होकर गुजरती है।
इस मार्ग पर कई ऐसे स्थान हैं जहां से जंगल के अंदर प्रवेश के लिए गेट बनाए जा सकते हैं। यहां पर कई बाघ भी सक्रिय रहते हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग अपने निजी वाहन से पहुंच जाते हैं।
यह होंगे फायदे
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में सफारी होने से जंगल के आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार मिल सकेगा। साथ ही जिप्सी चालक, संचालक गाइड और होटल संचालकों को भी लाभ होगा। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व को शुल्क मिलेगा और ईको विकास समितियां जंगल में बेहतर कार्य कर पाएंगी।
इस बारे में जानकारी देते हुए बीटीआर के फील्ड डॉयरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि पर्यटन के जितने ज्यादा अवसर उत्पन्न होंगे, उतना ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ होगा।