
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट मानपुर में नियमित गश्त के दौरान एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया घटनास्थल से कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा नमूने वैज्ञानिक परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार 3 अगस्त की दोपहर बाद गश्ती दल को मानपुर बीट में बाघ का शव मिला।
सूचना मिलते ही अधिकारियों ने शाम को घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। समयाभाव के कारण शव को पूरी रात सुरक्षा निगरानी में रखा गया और क्षेत्र की कड़ी निगरानी की गई।
4 अगस्त की सुबह डॉग स्क्वाड की सहायता से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। मेटल डिटेक्टर से पूरे क्षेत्र की गहन जांच की गई।
हाथियों की मदद से भी आसपास के जंगल की सर्चिंग कराई गई। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु, फंदा, हथियार अथवा अन्य असामान्य सामग्री नहीं मिली।
मृत बाघ का शव परीक्षण बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर तथा संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय सेंगर ने किया। पोस्टमार्टम में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया शिकार की आशंका की पुष्टि नहीं होती है।
मृत बाघ का लिंग स्पष्ट नहीं हो सका, जबकि उसकी अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष बताई गई है। शव परीक्षण के दौरान आवश्यक विसरा नमूने एकत्रित कर वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के अनुसार बाघ के शव का विधिवत दाह संस्कार किया गया।
इस दौरान एनटीसीए के प्रतिनिधि अक्षय दलवी, जनप्रतिनिधि, नायब तहसीलदार सहित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वन विभाग ने बताया कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
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