पन्ना टाइगर रिजर्व में अवैध रिसॉर्ट पर बड़ा एक्शन! PCCF ने डिप्टी डायरेक्टर को तलब किया, हो सकती है कार्रवाई
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में नियम विरुद्ध बने रिसॉर्ट मामले में पीसीसीएफ वन्यजीव ने डिप्टी डायरेक्टर को तलब किया। जांच के बाद कार्रवाई और एनटीसीए...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 05:58:50 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 05:58:50 PM (IST)
पन्ना टाइगर रिजर्व में अवैध रिसॉर्ट पर बड़ा एक्शन। (नईदुनिया)HighLights
- पीसीसीएफ ने डिप्टी डायरेक्टर को पूरी रिपोर्ट सहित तलब किया।
- कोर जोन में रिसॉर्ट निर्माण की वैधता की जांच होगी।
- वन्यजीव आवागमन और केन नदी पर प्रभाव की पड़ताल।
संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में नियम विरुद्ध बनवाए गए रिसार्ट के मामले में पूरी रिपोर्ट के साथ मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक(वन्यजीव)डा. शमिता राजौरा ने टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल को तलब किया है। इससे रिसार्ट मामले में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि इस रिसार्ट का निर्माण वर्तमान में गुरुग्राम में तैनात वरिष्ठ आइआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार ने रिजर्व के कोर जोन में छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव स्थित खसरा नंबर 1841 की करीब पांच एकड़ भूमि पर कराया है। जांच में रिसार्ट नियम विरुद्ध बनाए जाने की बात सामने आ चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। नईदुनिया में प्रकाशित इस मामले की खबरों का संज्ञान पीसीसीएफ वन्यजीव ने लिया है।
पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से ली जाएगी जानकारी
- पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से यह जानकारी ली जाएगी कि कोर क्षेत्र में रिसार्ट का निर्माण किन परिस्थितियों में हुआ, निर्माण के लिए क्या जरूरी अनुमतियां ली गईं? संबंधित भूमि की वास्तविक वैधानिक स्थिति क्या है?
- इसके साथ ही वन्यजीवों के आवागमन वाले क्षेत्र में निर्माण से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन, अनुमति में अनियमितता अथवा वन्यजीव संरक्षण संबंधी प्रविधानों की अनदेखी सामने आती है तो रिसार्ट के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
वन्यजीव प्रेमी मानते हैं अति गंभीर मामला
- कोर जोन में रिसार्ट निर्माण को वन्यजीव प्रेमी अति गंभीर मामला बता रहे हैं। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े जानकारों का कहना है कि कोर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन और उनके आवास पर असर डाल सकता है।
रिसार्ट के कारण वन्यजीवों के केन नदी की ओर आने-जाने वाले मार्ग के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा रिसार्ट से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के उचित निस्तारण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका है कि यदि अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन नहीं किया गया तो इसका प्रभाव केन नदी और आसपास के वन क्षेत्र पर पड़ सकता है।
हालांकि इन सभी बिंदुओं की वास्तविक स्थिति अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पीसीसीएफ वन्यजीव इस मामले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारियों से चर्चा कर सकती हैं। कोर क्षेत्र में निर्माण से जुड़े एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के संदर्भ में भी पूरे मामले की समीक्षा की जा सकती है। पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर को बुलाया
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में रिसार्ट निर्माण की जानकारी मिली है। जानकारी के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर को बुलाया है। डॉ. शमिता राजौरा, पीसीसीएफ वन्यजीव मध्य प्रदेश।
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