विदिशा में AI ने पकड़ी जालसाजी, एक चेहरे पर चल रही थीं 150 सिम, तीन एजेंट गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में फर्जी दस्तावेज लगा कर सिम एक्टिवेट करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। जांच में पता चला कि आरोपी दूसरों के आधार कार्ड ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 01:27:25 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 01:46:27 AM (IST)
मामले में पुलिस ने तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया हैHighLights
- विदिशा में एआई ने बड़ी जालसाजी पकड़ी है
- दूसरों के फोटो और दस्तावेजों से एक्टिवेट की 150 सिम
- मामले में पुलिस ने तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में फर्जी दस्तावेज और दूसरों के फोटो का इस्तेमाल कर सिम एक्टिवेट करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। साइबर सेल और सिरोंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में तीन पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) एजेंटों को गिरफ्तार किया है।
इन्होंने कमीशन के लालच में 150 से अधिक फर्जी सिम कार्ड जारी किए। इस फर्जीवाड़े का राजफाश दूरसंचार विभाग के एआई आधारित एक टूल की जांच में हुआ।
एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने वर्ष 2023 में एस्टर टूल के माध्यम से डेटा विश्लेषण किया था। इसमें सामने आया कि एक ही व्यक्ति के फोटो का उपयोग कर अलग-अलग नाम-पतों पर बहुत सारी सिम जारी की गई हैं। भोपाल मुख्यालय से मिली इस जानकारी के बाद विदिशा साइबर सेल ने जांच शुरू की, जिसमें जिले के सिरोंज और गंजबासौदा के एजेंटों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
आरोपियों ने चार साल किया फर्जीवाड़ा
जांच में पता चला कि आरोपित इम्तियाज, फराज खान और छत्रवंश उर्फ संजू कुशवाह ने साल 2019 से 2022 के बीच इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोपित दूसरों के आधार कार्ड और वोटर आईडी लेते थे, लेकिन फोटो किसी अन्य का लगा देते थे। आरोपितों का कहना है कि अधिक सिम बेचने पर कंपनी से मिलने वाले बोनस और फिर उन सिमों को दूसरी कंपनी में पोर्ट कराकर मिलने वाले कमीशन के लिए यह खेल खेला गया।
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पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
इन सिमों का उपयोग डिजिटल वॉलेट (पेटीएम आदि) बनाने में भी किया गया। हालांकि पुलिस इसमें और कारणों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।