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विदिशा: सड़क पर तड़पता रहा मजदूर, पुलिस 'नशेड़ी' समझकर छोड़ गई; अस्पताल में निकला पैरालिसिस अटैक

रेलवे स्टेशन क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने आपातकालीन सहायता तंत्र की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

By Ajay JainEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 09:56:35 PM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 09:56:35 PM (IST)
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विदिशा: सड़क पर तड़पता रहा मजदूर, पुलिस 'नशेड़ी' समझकर छोड़ गई; अस्पताल में निकला पैरालिसिस अटैक
सड़क पर तड़पता रहा मजदूर। (AI से जेनरेट किया गया इमेज)

HighLights

  1. सड़क पर तड़पता रहा मजदूर
  2. पुलिस 'नशेड़ी' समझकर छोड़ गई
  3. अस्पताल में निकला पैरालिसिस अटैक

नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने आपातकालीन सहायता तंत्र की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर अचानक गिरकर तड़प रहे एक व्यक्ति को कथित तौर पर डायल-112 की टीम ने नशे की हालत में समझा और मौके पर ही छोड़कर चली गई। बाद में स्वजनों के पहुंचने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने पैरालिसिस अटैक की पुष्टि की।

सड़क पर अचानक गिरा युवक, नहीं मिली समय पर मदद

सामाजिक कार्यकर्ता विनोद शाह ने बताया कि रेलवे स्टेशन के समीप उनकी दुकान है। शनिवार दोपहर के समय करीब 45 वर्षीय एक युवक अचानक दुकान के सामने गिर पड़ा। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह उठने में असमर्थ हो गया।


आसपास मौजूद लोगों ने पहले एंबुलेंस सेवा को फोन किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई। शाह के अनुसार, पुलिस वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन युवक को नशे में धुत मानते हुए वहीं छोड़ दिया गया।

मोबाइल से मिली जानकारी, बहन ने पहुँचाया अस्पताल

मदद की उम्मीद लिए सड़क किनारे पड़ा युवक लगातार तड़पता रहा और राहगीर असमंजस में उसे देखते रहे। शाह ने बताया कि जब युवक की स्थिति और गंभीर होने लगी तो उन्होंने उसकी जेब में रखे मोबाइल से एक नंबर मिलाया। संयोग से फोन उसकी विदिशा में रहने वाली बहन का निकला। सूचना मिलते ही स्वजन मौके पर पहुंचे और युवक को जिला अस्पताल लेकर गए। वहां जांच में पता चला कि उसे पैरालिसिस का अटैक आया था। स्वजनों ने बताया कि युवक मूल रूप से ललितपुर का रहने वाला है और मजदूरी के लिए विदिशा आया था।

पुलिस के दावों की खुली पोल, एसपी ने दिए जांच के आदेश

डायल-112 के जरिए गुमशुदा बच्चों को परिजनों से मिलाने और जरूरतमंदों की मदद के पुलिस के दावों के बीच रेलवे स्टेशन क्षेत्र की यह घटना पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर गई। इधर, एसपी रोहित काशवानी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।