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विदिशा स्टॉप डैम मामला: हाई कोर्ट के बाद मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान; MP सरकार को भेजा नोटिस

विदिशा में बच्चों के स्टॉप डैम के खंभों से छलांग लगाकर स्कूल जाने के मामले में आयोग ने मप्र सरकार से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 08 Aug 2026 12:02:16 PM (IST)Updated Date: Sat, 08 Aug 2026 12:02:16 PM (IST)
विदिशा स्टॉप डैम मामला: हाई कोर्ट के बाद मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान; MP सरकार को भेजा नोटिस
फाइल फोटो।

HighLights

  1. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
  2. बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार का मामला
  3. मप्र सरकार से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मध्य प्रदेश में विदिशा संसदीय क्षेत्र में बेतवा नदी पर स्थित स्टॉप डैम के खंभों से छलांग लगाकर बच्चों के स्कूल पहुंचने के मामला का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।

आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

हाई कोर्ट भी ले चुका है संज्ञान

उल्लेखनीय है कि इस मामले का मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी संज्ञान ले चुका है। उसने भी निरीक्षण कराकर इस मामले में रिपोर्ट तलब की थी और अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

हालांकि उससे पहले ही स्टॉप डैम वाला रास्ता बंद करके बच्चों के गांव वाले स्कूल को उच्चीकृत करके हाई स्कूल तक कर दिया गया था।

मानवाधिकार आयोग ने कहा कि बच्चों को 15 किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही थी, जो बच्चों के शिक्षा और सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है।

आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 21-ए, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित ढंग से स्कूल पहुंचाना भी राज्य की जिम्मेदारी है।

वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई

बता दें हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए ककरुआ और आसपास के गांवों के बच्चों को ग्राम पलोह स्थित शासकीय हाई स्कूल में इसलिए जाना पड़ता था, क्योंकि उनके गांव में उच्चीकृत विद्यालय नहीं था।

चूंकि सड़क मार्ग से वहां तक जाने के लिए 15 किलोमीटर लंबा रास्ता था, इसलिए वे बेतवा नदी के स्टॉप डैम के खंभों को छलांग लगाकर स्कूल तक जाया करते थे।

यहां से उनके स्कूल की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर थी। उनके इस तरह जोखिम उठाने से मामला तब सुर्खियों में आया, जब छात्र-छात्राओं का स्टॉप डैम के खंभों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ।


वीडियो सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए तीन दिन के भीतर बंधेरा में हाई स्कूल शुरू कर दिया। प्रशासन अब बनाएगा स्थायी पुल: वहीं, विदिशा जिला प्रशासन ने अब बेतवा नदी पर पलोह और ककरुआ गांवों के बीच स्थायी पुल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) पुल निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगा।

यह भी पढ़ें- स्कूल का रास्ता 5 किमी दूर, लंबा रास्ता तय करने से बचने के लिए जान जोखिम में डाल विदिशा में बेतवा नदी के स्टाप डैम को पार कर बच्चे पहुंच रहे स्कूल

तत्काल राहत के प्रयास तेज

लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) के कार्यपालन यंत्री ए.आर. मोरे ने बताया कि तत्काल राहत के तौर पर स्टॉप डैम के खुले हिस्सों पर लोहे की जालियां बिछा दी गई हैं, ताकि बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही कुछ हद तक सुरक्षित हो सके।

उधर, जिला पंचायत ने इस मामले की जानकारी समय पर प्रशासन तक नहीं पहुंचाने को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा ग्राम पंचायत मुंडरा हरिसिंह के सरपंच और सचिव को नोटिस जारी किया है।