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विदिशा बनेगा 'वैज्ञानिक खेती' का नया हब: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया कृषि विज्ञान केंद्र का भूमि पूजन; दाल मिल लगाने पर मिलेगी ₹25 लाख सब्सिडी

केंद्रीय कृषि मंत्री ने विदिशा कृषि विज्ञान केंद्र में ‘एग्री क्लीनिक’ यानी फसल का अस्पताल बनाने की भी घोषणा की, जहां किसान पौधा, पत्ता या मिट्टी का न...और पढ़ें

By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 08:14:16 AM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 08:15:34 AM (IST)
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विदिशा बनेगा 'वैज्ञानिक खेती' का नया हब: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया कृषि विज्ञान केंद्र का भूमि पूजन; दाल मिल लगाने पर मिलेगी ₹25 लाख सब्सिडी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में कृषि विज्ञान केंद्र का भूमि पूजन किया। नईदुनिया।

HighLights

  1. विदिशा में कृषि विज्ञान केंद्र का भूमि पूजन, वैज्ञानिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
  2. दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए मुफ्त बीज और एमएसपी खरीद की घोषणा
  3. दाल मिल स्थापना पर 25 लाख रुपये तक सब्सिडी और एग्री क्लीनिक की सुविधा

नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र भविष्य में वैज्ञानिक खेती और कृषि नवाचारों का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां किसानों को आधुनिक तकनीकों, एकीकृत खेती और मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र में मॉडल फार्म विकसित किए जाएंगे, जहां किसानों को यह दिखाया जाएगा कि सीमित भूमि पर अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग को एक साथ जोड़कर अधिकतम आय कैसे प्राप्त की जा सकती है।


दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर फोकस

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। चना, अरहर, मसूर, उड़द और तिल जैसी फसलों के लिए किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही किसानों द्वारा उत्पादित दलहन को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा।

उन्होंने घोषणा की कि अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में दाल मिल स्थापित करने पर किसानों और उद्यमियों को 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

यह भी पढ़ें- इंदौर में हुआ ब्रिक्स सम्मेलन: खेती को आधुनिक बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे दुनिया के बड़े देश, शिवराज सिंह ने दी जानकारी

कृषि विज्ञान केंद्र में बनेगा ‘एग्री क्लीनिक’

केंद्रीय मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में ‘एग्री क्लीनिक’ स्थापित करने की घोषणा भी की। यह किसानों के लिए फसल अस्पताल की तरह कार्य करेगा, जहां किसान पौधों, पत्तियों या मिट्टी के नमूने लाकर उनकी जांच करा सकेंगे। वैज्ञानिक रोगों की पहचान कर तत्काल उपचार और सलाह देंगे।

उन्होंने बताया कि भारत विस्तार-किसान सारथी हेल्पलाइन (155261) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी किसानों को त्वरित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। मोबाइल ऐप के जरिए मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति और उनकी कमी की जानकारी भी मिल सकेगी।

किराए पर मिलेंगे आधुनिक कृषि उपकरण

छोटे और सीमांत किसानों की सुविधा के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और मशीन बैंक स्थापित किए जाएंगे। यहां लेजर लेवलर, डायरेक्ट सीडेड राइस मशीन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक कृषि मशीनें किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही कम पानी में धान उत्पादन की तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।