
डिजिटल डेस्क। नवरात्रि और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले देश के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार से आम उपभोक्ताओं के लिए झटका देने वाली खबर आई है। तांबा, एल्युमिनियम और स्टील जैसे कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों तथा परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अपने उत्पादों के दाम 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही हैं। इस वर्ष में यह तीसरा मौका होगा जब कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की कीमतों में इजाफा किया जा रहा है।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा बढ़ोतरी एयर कंडीशनर (AC) की श्रेणी में देखने को मिलेगी, जहां कीमतें 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। वहीं रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और एलईडी टीवी के दामों में भी 2 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि तय मानी जा रही है।
ब्लू स्टार, डाइकिन, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, एलजी और सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने विभिन्न उत्पाद श्रेणियों में दरें बढ़ाने की घोषणा कर दी है, जबकि कुछ अन्य कंपनियां वर्तमान बाजार परिस्थितियों का आकलन कर रही हैं।
लागत में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कच्चे माल की कीमतों का बढ़ना है। डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया और हायर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, तांबे की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बीते वर्ष के 8,000-9,000 डॉलर प्रति टन से बढ़कर करीब 14,500 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई हैं।
चूंकि एक एयर कंडीशनर के निर्माण में औसतन 3 से 4 किलोग्राम तांबे का उपयोग होता है, इसलिए धातु के दामों में 25 से 35 प्रतिशत का उछाल सीधे विनिर्माण लागत को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही मजबूत अमेरिकी डॉलर और लॉजिस्टिक्स खर्च ने कंपनियों का वित्तीय गणित बिगाड़ दिया है।
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आमतौर पर ओणम से लेकर नवरात्रि और दिवाली तक की अवधि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की कुल वार्षिक बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत का योगदान देती है। ऐसे में त्योहारी सीजन के मुहाने पर कीमतों का बढ़ना उद्योग जगत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे उपभोक्ता मांग प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि डीलरों और रिटेलरों के पास अगस्त-सितंबर में पुरानी दरों पर खरीदा गया पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को दिवाली तक कई उत्पाद पुराने स्टॉक के आधार पर पुरानी या रियायती दरों पर मिल सकते हैं, लेकिन इसके बाद नई दरें पूरी तरह लागू हो जाएंगी।