
डिजिटल डेस्क। देश के बड़े हिस्से में मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव से भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) का प्रकोप लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। रविवार को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हुई झमाझम बारिश और धूल भरी आंधी के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान और प्री-मानसून गतिविधियों का यह दौर जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में मौसम सुहावना बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के बलिया में 34.4 मिलीमीटर और मुरादाबाद में 21.8 मिलीमीटर की तेज बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी लखनऊ में 2.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। इस मौसमी बदलाव के कारण लखनऊ का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 36.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
राजस्थान के रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों में लगातार दूसरे दिन धूल भरी आंधी का तांडव देखने को मिला। जैसलमेर में आए भीषण रेतीले तूफान के कारण चारों तरफ धूल की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम हो गई, हालांकि किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। राज्य के फलौदी में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शनिवार को भी श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में करीब 200 वर्ग किलोमीटर के दायरे में 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चली थीं।
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भारी बारिश और लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पवित्र केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं, चंपावत जिले से एक बड़ी घटना सामने आई, जहां श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे के वार्षिक 'जोड़ मेले' के दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के तेज बहाव के बीच 50 से अधिक श्रद्धालु फंस गए, जिन्हें आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक देश के कई राज्यों में तेज हवाओं और आंधी का दौर बना रहेगा:
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और 4 जून तक केरलम के तट पर दस्तक दे सकता है. हालांकि, कृषि क्षेत्र और आम जनता के लिए एक चिंताजनक खबर भी है। मौसम विभाग ने इस वर्ष मानसून के सामान्य से थोड़ा कमजोर रहने का कूट अनुमान लगाया है।
जून से सितंबर के दौरान देश में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है। जहां उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मानसून की स्थिति सामान्य रह सकती है, वहीं देश के अन्य हिस्सों विशेषकर उन ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों में जो पूरी तरह से बारिश पर निर्भर हैं वहां मानसून की बेरुखी किसानों की कूट विधाओं और फसलों को प्रभावित कर सकती है।