• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

1.2 करोड़ SC-OBC छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति के लिए अब इस डॉक्यूमेंट की नहीं होगी जरूरत

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को आसान बना दिया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 03:11:21 PM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 03:11:21 PM (IST)
  • Join करें
1.2 करोड़ SC-OBC छात्रों को बड़ी राहत, छात्रवृत्ति के लिए अब इस डॉक्यूमेंट की नहीं होगी जरूरत
करीब 1.2 करोड़ छात्रों को इस नियम का लाभ मिलने वाला है( एआई फोटो)

HighLights

  1. स्कॉलरशिप आवेदन में स्थायी निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म
  2. करीब 1.2 करोड़ छात्रों को इस नियम का लाभ मिलने वाला है
  3. प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक दोनों छात्रवृत्ति योजनाओं में लागू होगा नया नियम

डिजिटल डेस्क। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को आसान बना दिया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने SC और OBC वर्ग के लिए संचालित प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजनाओं में स्थायी निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस फैसले से देशभर के करीब 1.2 करोड़ छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

निवास प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी होता था

अब तक इन छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन करते समय स्थायी निवास प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी होता था। यह प्रमाण पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है, जिससे छात्र के स्थायी पते की पुष्टि होती है। हालांकि इसे बनवाने में छात्रों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, खासकर उन छात्रों को जो पढ़ाई के लिए अपने गृह राज्य या जिले से बाहर रह रहे हैं। ऐसे छात्रों को दस्तावेज बनवाने के लिए घर लौटना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों का नुकसान होता था।


बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए राहत

मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य पात्र छात्रों पर दस्तावेजी बोझ कम करना, अनुपालन लागत घटाना और छात्रवृत्ति लाभ तक उनकी पहुंच को आसान बनाना है। शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के विश्वविद्यालयों में SC के 14.2 प्रतिशत और OBC के 35.8 प्रतिशत छात्र नामांकित हैं। ऐसे में यह फैसला बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।

छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करती हैं

सरकार की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर SC और OBC छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करती हैं। SC छात्रों के लिए यह योजना कक्षा 9वीं से लेकर उच्च शिक्षा और पीएचडी तक लागू है, जबकि OBC छात्रों के लिए भी प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक दोनों स्तरों पर छात्रवृत्ति उपलब्ध है। ये योजनाएं वरिष्ठ माध्यमिक, आईटीआई, स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक को कवर करती हैं।

यह भी पढ़ें- सागर-झांसी फोरलेन पर दर्दनाक सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार बाइक, दो युवकों की मौके पर ही मौत; हाइवे पर बढ़ा तनाव