
डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे 'कॉकरोच आंदोलन' को लेकर देश में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शनिवार को इस डिजिटल फ्रंट पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस संगठन को मिलने वाले ऑनलाइन समर्थन का लगभग आधा हिस्सा (49 प्रतिशत) सीधे पाकिस्तान से संचालित हो रहा है, जबकि भारत से इसे केवल 9 प्रतिशत ही समर्थन प्राप्त है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने सांख्यिकीय आंकड़े पेश करते हुए कहा, "सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के 49 प्रतिशत फॉलोअर्स पाकिस्तान से हैं, जबकि भारत से केवल 9 प्रतिशत लोग ही इससे जुड़े हैं।" बीजेपी का यह तीखा बयान ऐसे समय में आया है जब इस डिजिटल अभियान को लेकर देश का राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। पिछले हफ्ते शुरू हुए इस आंदोलन ने बेरोजगारी, शिक्षा नीति और नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तीखे मीम्स और व्यंग्य बनाकर इंटरनेट पर भारी लोकप्रियता बटोरी है।
VIDEO | Kolkata: “49 per cent followers of 'Cockroach Janta Party' on social media from Pakistan, only 9 per cent from India”, says Union Minister Sukanta Majumdar (@DrSukantaBJP).
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/054V72NEgE
— Press Trust of India (@PTI_News) May 23, 2026
केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर निशाना साधते हुए इसे भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को बदनाम करने के लिए रचा गया एक 'क्लासिक क्रॉस-बॉर्डर इन्फ्लुएंस ऑपरेशन' (सीमा पार से प्रायोजित प्रोपेगैंडा) करार दिया।
The #CockroachParty gambit is yet another classic cross border "influence operation" targetting India and PM @narendramodi govt - designed by vested interests to destabilize India - helped along by elements in our "opposition"
In the age of social media, bots, AI and its…
— Rajeev Chandrasekhar 🇮🇳 (@RajeevRC_X) May 23, 2026
राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
सोशल मीडिया, बॉट्स, एआई (AI) और इसके राजनीतिक वेपनाइजेशन (हथियार के रूप में इस्तेमाल) के इस दौर में, ऐसे 'इन्फ्लुएंस ऑपरेशंस' बेहद खतरनाक और प्रभावी होते हैं। इनका मकसद फर्जी नैरेटिव गढ़कर देश को अस्थिर करना होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विपक्ष के कुछ हिस्से इस विदेशी अभियान को हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रगति कई विदेशी ताकतों को हजम नहीं हो रही है। उन्होंने आगे जोड़ा, "चाहे कोविड महामारी हो या वैश्विक आर्थिक मंदी, मोदी सरकार ने हमेशा देश को सुरक्षित रखा है। कोई कॉकरोच, कोई मोदी-विरोधी जोकर या विदेशी ताकत भारत को 'विकसित भारत' बनने से नहीं रोक सकती।"
दूसरी ओर, आंदोलन के मुख्य सूत्रधार अभिजीत दिपके ने बैकअप हैंडल्स के माध्यम से अपनी बात रखते हुए दावा किया कि उनके इस रचनात्मक और व्यंगात्मक आंदोलन के खिलाफ सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक सोची-समझी समन्वित कार्रवाई (Coordinated Action) की जा रही है।
The government has taken down our iconic website - https://t.co/l6i6Ry8h5S.
10 Lakh cockroaches had signed up on our website has members.
6 Lakh cockroaches had signed a petition to demand the resignation of Dharmendra Pradhan.
Why is the government so scared of cockroaches?…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) May 23, 2026
दिपके ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ ऑनलाइन अभियान शुरू करने के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने विधिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग देश के लाखों छात्रों के भविष्य (परीक्षा विसंगतियों और पेपर लीक) के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ विधिक दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय, सरकार इस अहिंसक और व्यंगात्मक डिजिटल आंदोलन को ही कुचलने में अपनी पूरी ताकत लगा रही है।