मात्र 600 रुपये के विवाद में खूनी संघर्ष, मुंबई के मालाड में मजदूरों ने एक-दूसरे पर फेंका तेजाब, 6 झुलसे
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मालाड इलाके से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां महज 600 रुपये की उधारी ने भीषण हिंसा का रूप ले लिया। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 03 Apr 2026 04:30:18 PM (IST)Updated Date: Fri, 03 Apr 2026 04:30:18 PM (IST)
मजदूरों ने एक-दूसरे पर फेंका तेजाब।HighLights
- मुंबई के पाल नगर में तेजाब कांड से अफरा-तफरी
- मुंबई में तेजाब हमले के बाद 6 लोग अस्पताल में भर्ती
- पुलिस ने दर्ज किया दंगे और जानलेवा हमले का केस
डिजिटल डेस्क। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मालाड इलाके से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां महज 600 रुपये की उधारी ने भीषण हिंसा का रूप ले लिया। पाल नगर स्थित एक अनधिकृत केमिकल फैक्ट्री में मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि मजदूरों ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक-दूसरे पर तेजाब (एसिड) से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
मामूली कहासुनी में तेजाब से हमला
घटना की शुरुआत पाल नगर की एक अवैध केमिकल कंपनी में काम करने वाले मजदूरों के बीच हुई। बताया जा रहा है कि 600 रुपये के लेन-देन को लेकर दो गुटों में जुबानी जंग शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद लात-घूंसों तक पहुंच गया। आक्रोश जब चरम पर पहुंचा, तो मजदूरों ने पास में ही रखे तेजाब की बोतलों को हथियार बना लिया और एक-दूसरे पर उड़ेलना शुरू कर दिया।
एसिड अटैक होते ही फैक्ट्री परिसर में चीख-पुकार मच गई। तेजाब की चपेट में आने से छह मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।
इलाके में तनाव, पुलिस की पैनी नजर
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पाल नगर इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मुंबई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ दंगा भड़काने (Rioting), जानलेवा हमले की कोशिश (Attempt to Murder) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वारदात के बाद से ही कई आरोपी फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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अवैध केमिकल यूनिट पर भी गिरेगी गाज
इस घटना ने रिहायशी इलाकों में चल रही अनधिकृत केमिकल इकाइयों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की एक संयुक्त टीम उस यूनिट की जांच कर रही है जहां यह घटना घटी। प्राथमिक जांच के अनुसार, यह फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही थी। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के साथ-साथ फैक्ट्री मालिक पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।