
डिजिटल डेस्क। साल 2024 के दौरान देशभर कुल संज्ञेय अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में देशभर में करीब 58.8 लाख संज्ञेय अपराध दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 62.4 लाख था। यानी अपराध के मामलों में लगभग 6 प्रतिशत की कमी आई है।
गंभीर अपराधों में कमी
रिपोर्ट के मुताबिक हत्या जैसे गंभीर अपराधों में भी कमी देखने को मिली है। हत्या के मामलों में 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं प्रति लाख आबादी पर अपराध दर 2023 के 448.3 से घटकर 2024 में 418.9 रह गई।
महिलाओं के खिलाफ अपराध
हालांकि महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में महिलाओं के खिलाफ 4,41,534 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या 2023 के मुकाबले थोड़ी कम जरूर है, लेकिन औसतन हर घंटे करीब 50 मामले दर्ज होना गंभीर स्थिति को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि देश में हर 18 मिनट में दुष्कर्म का एक मामला दर्ज हुआ।
पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के सामने आए। ऐसे कुल 1.20 लाख से अधिक केस दर्ज किए गए। इसके अलावा महिलाओं के अपहरण, पॉक्सो एक्ट, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म से जुड़े हजारों मामले भी सामने आए हैं।
दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान सबसे ऊपर
दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान सबसे ऊपर रहा, जहां 4871 केस दर्ज किए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा का स्थान रहा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अधिक आबादी वाले राज्यों में मामलों की संख्या स्वाभाविक रूप से अधिक हो सकती है
राज्य विरोधी अपराधों और आर्थिक अपराधों में बढ़ोतरी
वहीं राज्य विरोधी अपराधों और आर्थिक अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2024 में राज्य विरोधी अपराधों के 5194 मामले सामने आए, जो पिछले साल की तुलना में ज्यादा हैं। आर्थिक अपराधों के मामलों में भी करीब 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में हल्की गिरावट जरूर देखने को मिली। राज्य एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2024 में 4053 मामले दर्ज किए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 4069 था।
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