Delhi Excise Policy Case: 'कोर्ट में जांच के कई पहलुओं को नजरअंदाज किया गया', अब हाई कोर्ट जाएगी CBI
दिल्ली आबकारी नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं अब सीबीआई इस मामले को ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 02:52:07 PM (IST)Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 02:54:24 PM (IST)
हाई कोर्ट में अपील करेगी सीबीआई (फाइल फोटो)HighLights
- निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगी सीबीआई
- सीबीआई ने कहा- जांच के कई पहलुओं को नजरअंदाज किया गया
- कोर्ट ने मामले में कहा- आपराधिक मुकदमें में सिर्फ अनुमान काफी नहीं
डिजिटल डेस्क: दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने आप के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्वउपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं अब इस मामले में सीबीआई ने हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया है। निचली अदालत के फैसले को लेकर जांच एजेंसी का कहना है कि जांच के कई पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया है।
सीबीआई ऐसा मान रही है कि मामले में पेश किए गए कई पुख्ता सबूतों और जांच के पहलुओं को फैसले में उचित स्थान नहीं मिला है। ऐशे में एजेंसी मामले को लेकर ऊपरी अदालत में जाएगी। निजली अदालत की ओर से फैसला आते ही सीबीआई ने हाई कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है।
बता दें कि विशेष अदालत के न्यायाधीश (पीसी एक्ट) जितेंद्र सिंह ने कहा कि अभियोजन का मामला न्यायिक परीक्षण में नहीं टिक सका है। प्रथम दृष्टया किसी के खिलाफ मामला नहीं बनता है। यह कहते हुए कोर्ट ने मामले से जुड़े अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया सहित मामले में सभी 23 अरोपियों को बरी कर दिया।
कोर्ट ने कहा- सिर्फ अनुमान काफी नहीं
मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने साजिश की एक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। आपराधिक मुकदमें में सिर्फ अनुमान या संभावनाए पर्याप्त नहीं होती हैं, प्रमाणिक और विश्वसनीय साक्ष्य की भी आवश्यकता होती है।