इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- Gen-Z युवाओं को गुमराह किया, पद से ज्यादा युवाओं का भविष्य जरूरी था
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद पर कहा कि Gen-Z युवाओं को गुमराह किया गया। उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफे, BJD और नवीन पटनायक के विरोध पर भी जवाब ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 09 Aug 2026 09:18:03 AM (IST)Updated Date: Sun, 09 Aug 2026 09:18:03 AM (IST)
सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार खुलकर बयान दिया है। (फाइल फोटो)HighLights
- धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद पर पहली बार खुलकर बयान दिया।
- Gen-Z युवाओं को कथित तौर पर गुमराह करने का आरोप लगाया।
- प्रधान ने नैतिकता के आधार पर मंत्री पद छोड़ा था।
डिजिटल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री के पद से अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार खुलकर बयान दिया है। शनिवार को भुवनेश्वर में उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के बाद हुए विरोध-प्रदर्शनों में नई पीढ़ी (जेन-जी) को जानबूझकर गुमराह किया गया।
इसी विवाद के चलते उन्होंने नैतिकता के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ा था। इसके अलावा उन्होंने बीजू जनता दल (बीजेडी) और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी जमकर निशाना साधा।
'पद से ज्यादा युवाओं का भविष्य महत्वपूर्ण'
- भुवनेश्वर स्थित जीएम यूनिवर्सिटी में एक सभा को संबोधित करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने नीट विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए उग्र प्रदर्शनों के ठीक पंद्रह दिन बाद उन्होंने यह स्पष्टीकरण दिया है। प्रधान ने कहा, "जेन-जी (Gen Z) पीढ़ी हमारे अपने बच्चे हैं, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए उन्हें भटकाने का काम किया। इस पूरे विवाद में मेरा कोई व्यक्तिगत हित नहीं था।"
उन्होंने बताया कि देश में हर साल करोड़ों बच्चे जन्म लेते हैं और यही युवा आगे चलकर भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे। प्रधान ने स्पष्ट किया कि उनके लिए मंत्री पद कभी मायने नहीं रखता था, इसलिए उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस्तीफे की पेशकश की थी। अंततः 25 जुलाई को उन्होंने मंत्रालय का प्रभार छोड़ दिया। नवीन पटनायक और बीजेडी के विरोध पर पलटवार
- रायराखोल इलाके में आयोजित एक अन्य बैठक के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक पर तीखा हमला बोला।
- एयरपोर्ट के बाहर बीजेडी की युवा और छात्र विंग द्वारा दिखाए गए काले झंडे और 'वापस जाओ' के नारों का जिक्र करते हुए उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। प्रधान ने कहा, "मैं एक साधारण किसान परिवार से आता हूं। अगर आप मुझे यहां से जाने के लिए कहेंगे, तो भी मैं बार-बार वापस आऊंगा। ऐसे विरोध-प्रदर्शनों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
'मेरे किसी काम से ओडिशा का सिर नहीं झुका'
- बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक द्वारा उन्हें राज्य के लिए 'शर्मिंदगी' और एक 'बुरा व्यक्ति' कहे जाने पर प्रधान ने गहरी आपत्ति जताई।
- उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा, "क्या मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा कोई काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े? मैंने कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे मेरे प्रदेश की बदनामी हो।"
- प्रधान ने यह भी बताया कि बीजेडी के कड़े विरोध को देखते हुए उन्होंने कार्यक्रम में आने से पहले बीजेडी विधायक और विधानसभा में उप-नेता प्रसन्ना आचार्य से सलाह ली थी।
- आचार्य द्वारा स्वागत का भरोसा दिए जाने के बाद ही वह इस मंच पर आए हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक सफलता का पूरा श्रेय भगवान जगन्नाथ और मां समलेश्वरी के आशीर्वाद को दिया।
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